देश की खबरें | सीबीआई ने चोकसी के खिलाफ नए आरोप पत्र में कृत्रिम हीरे के जरिए फर्जीवाड़ा का आरोप लगाया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इंटरपोल द्वारा भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) हटाए जाने के कुछ महीनों बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उसके खिलाफ एक नया आरोप पत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 28 मार्च इंटरपोल द्वारा भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) हटाए जाने के कुछ महीनों बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उसके खिलाफ एक नया आरोप पत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मामला वर्ष 2016 में आईएफसीआई से 25 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त करने के लिए प्रयोगशाला में तैयार हीरे को गिरवी रखने से जुड़ा है, जिसका मूल्य 98 प्रतिशत तक कम है।
हाल में मुंबई में एक विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष दाखिल अपने आरोप पत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया कि चोकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स ने इंडस्ट्रियल फाइनेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (आईएफसीआई) में 896 जड़ाऊ गहने गिरवी रखकर ऋण लिया। इसका मूल्यांकन सरकार द्वारा अनुमोदित मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा 45 करोड़ रुपये से अधिक का किया गया था।
अधिकारियों ने कहा कि ऋण खाते के गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) में बदल जाने के बाद, आईएफसीआई ने गिरवी रखे गए आभूषणों की वसूली के लिए कदम बढ़ाया, लेकिन नए मूल्यांकन के बाद गहरा झटका लगा, जिसमें पता चला कि उनका मूल्य ऋण के लिए आवेदन के समय के अनुमान से 98 प्रतिशत कम है।
आरोप पत्र में कहा गया है कि आईएफसीआई द्वारा किए गए नए मूल्यांकन में आभूषणों का मूल्य 70 लाख रुपये से 2 करोड़ रुपये के बीच आंका गया है।
आरोपपत्र में कहा गया, ‘‘मूल्यांकनकर्ताओं ने कहा कि हीरे कम गुणवत्ता वाले हैं और प्रयोगशाला में तैयार हीरे और अन्य पत्थर हैं तथा असली रत्न नहीं हैं। इस तरह गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के खाते को 30 नवंबर, 2018 को धोखाधड़ी के रूप में घोषित किया गया था।’’
अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान सीबीआई द्वारा मूल्यांकनकर्ताओं की ली गई राय में 896 आभूषणों का मूल्य 69.32 लाख रुपये से 76.99 लाख रुपये के बीच पाया गया। सीबीआई ने हाल में गीतांजलि जेम्स, इसके पूर्व निदेशक और गारंटर चोकसी, सरकार द्वारा अनुमोदित मूल्यांकनकर्ता नरेंद्र झावेरी, प्रदीप सी शाह, श्रेणिक शाह और केयूर मेहता, कंपनी के सहायक उपाध्यक्ष विपुल चितलिया और इसके सहायक महाप्रबंधक अनियाथ शिवरामन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
लेन-देन का विवरण देते हुए, संघीय एजेंसी ने आरोप लगाया कि गीतांजलि जेम्स द्वारा 30 सितंबर, 2016 को आईएफसीआई से प्राप्त 25 करोड़ रुपये उसी दिन चितालिया और नायर द्वारा हस्ताक्षरित चेक के माध्यम से प्रीमियर इंटरट्रेड को भेज दिए गए थे। एजेंसी ने आरोप लगाया कि कंपनी, प्रीमियर इंटरट्रेड केवल कागज पर अस्तित्व में थी और गीतांजलि रत्न के छद्म भागीदारों और कर्मचारियों के हस्ताक्षरकर्ता थे।
इंटरपोल के तहत वकीलों के एक स्वतंत्र निकाय- कमीशन फॉर कंट्रोल ऑफ इंटरपोल फाइल्स (सीसीएफ) ने नवंबर 2022 में चोकसी का नाम एक सूची से हटा दिया और यह सीबीआई के लिए एक बड़ा झटका था। नोटिस को हटाने का मतलब है कि चोकसी अब स्वतंत्र रूप से एंटीगुआ और बारबुडा से बाहर जा सकता है, जहां वह 2018 में भारत से भागने के बाद छिपा हुआ है।
चोकसी पर फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) और फॉरेन लेटर ऑफ क्रेडिट (एफएलसी) का इस्तेमाल कर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से 6,344.96 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी करने का आरोप है।
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