नयी दिल्ली, 12 फरवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने मालिक या कब्जाधारक को पूर्व सूचना दिए बिना अनधिकृत परिसरों को सील करने को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से बुधवार को जवाब मांगा।
मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय एवं न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने अधिवक्ता अमित साहनी द्वारा दायर कुछ याचिकाओं पर स्थानीय अधिकारियों और केंद्र को नोटिस जारी किया और उन्हें चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा।
साहनी ने कहा कि कथित अनधिकृत इमारत के मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी करने और सुनवाई का अवसर देने के बाद संबंधित प्राधिकरण द्वारा पारित सीलिंग आदेश, 30 दिन के भीतर अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष अपील योग्य है।
हालांकि, एमसीडी और एनडीएमसी नियमों (अनधिकृत निर्माण की सीलिंग) के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार सीलिंग आदेश की प्रति परिसर के मालिक/कब्जाधारक को ‘‘ऐसे परिसर को सील करने के तुरंत बाद’’ दी जानी चाहिए।
साहनी ने दलील दी कि इसलिए इस प्रक्रिया ने पीड़ित व्यक्ति को कार्रवाई से पहले अपने वैधानिक उपाय का लाभ उठाने से वंचित कर दिया।
इस मामले की सुनवाई अप्रैल में होगी।
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