देश की खबरें | मसूरी में बांग्लादेश, मालदीव के लोकसेवकों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड के मसूरी में स्थित राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) के परिसर में मालदीव और बांग्लादेश के 95 लोक सेवकों के लिए तीन क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।
मसूरी (उत्तराखंड), नौ मई उत्तराखंड के मसूरी में स्थित राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) के परिसर में मालदीव और बांग्लादेश के 95 लोक सेवकों के लिए तीन क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।
एनसीजीजी की स्थापना 2014 में भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तत्वावधान में एक शीर्ष-स्तरीय संस्था के रूप में की गई थी।
एनसीजीजी ने 2024 तक मालदीव के 1,000 लोक सेवकों के क्षमता निर्माण के लिए मालदीव लोक सेवा आयोग और 2025 तक 1,800 लोक सेवकों के लिए बांग्लादेश सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
अब तक मालदीव के 685 अधिकारियों को एनसीजीजी में प्रशिक्षण दिया गया है।
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, “बांग्लादेश (59वें बैच के 45 प्रतिभागियों) और मालदीव (22वें और 23वें बैच के 50 प्रतिभागियों) के लोक सेवकों के लिए तीन क्षमता निर्माण कार्यक्रम मसूरी परिसर में शुरू हुए।”
बयान में कहा गया है कि दो सप्ताह का कार्यक्रम उन्हें उभरते डिजिटल उपकरणों और सुशासन की सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ-साथ अपने ज्ञान तथा कौशल को अद्यतन करने में मदद करेगा।
इसमें कहा गया है कि विदेश मंत्रालय (एमईए) के साथ साझेदारी में एनसीजीजी ने विभिन्न विकासशील देशों के लोक सेवकों की क्षमता का निर्माण करने का उत्तरदायित्व लिया है।
बयान के अनुसार, अब तक, इसने 15 देशों - बांग्लादेश, केन्या, तंजानिया, ट्यूनीशिया, सेशेल्स, गाम्बिया, मालदीव, श्रीलंका, अफगानिस्तान, लाओस, वियतनाम, भूटान, म्यांमा, नेपाल और कंबोडिया के 3,500 से अधिक लोक सेवकों को प्रशिक्षण प्रदान किया है।
अपने उद्घाटन भाषण में (एनसीजीजी) के महानिदेशक भरत लाल ने तेजी से और बड़े पैमाने पर काम करने तथा नागरिकों को समयबद्ध तरीके से विश्व स्तरीय बुनियादी सेवाएं प्रदान करने के महत्व पर बल दिया।
लाल ने अधिकारियों से सक्रिय रूप से और समयबद्ध तरीके से लोगों की शिकायतों का समाधान करने का आग्रह किया।
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