देश की खबरें | बंगाल का बजट खोखले वादों का पुलिंदा: भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को राज्य के बजट को खोखले वादों का पुलिंदा करार दिया और आरोप लगाया कि इसमें महिलाओं, बेरोजगार युवाओं और पहाड़ी क्षेत्रों के स्वदेशी समुदायों की अनदेखी की गई है।
कोलकाता, 12 फरवरी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को राज्य के बजट को खोखले वादों का पुलिंदा करार दिया और आरोप लगाया कि इसमें महिलाओं, बेरोजगार युवाओं और पहाड़ी क्षेत्रों के स्वदेशी समुदायों की अनदेखी की गई है।
राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सामाजिक कल्याण पर पर्याप्त ध्यान देते हुए 2025-26 के लिए 3.89 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया और सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की।
सरकार ने अपने बजट में बुनियादी ढांचे और कृषि विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं का भी जिक्र किया जिसके तहत ग्रामीण संपर्क, नदी कटाव नियंत्रण और कृषि सहायता पहल के लिए पर्याप्त धन आवंटित किया गया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु ने कहा, ‘‘यह बजट एक छलावा है, जिसमें परियोजनाओं के लिए पर्याप्त धन आवंटन किए बिना नदी कटाव को रोकने के बारे में बहुत कुछ कहा गया है।’’
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में बजट पेश किए जाने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे अधिकारी ने कहा कि बजट में राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ ‘क्रूर’ मजाक किया गया है, जिसमें उनके डीए में केवल चार प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों और अन्य राज्यों के सरकारी कर्मचारियों की तुलना में बहुत कम है।
महिलाओं (लक्ष्मी भंडार) के लिए आवंटन में वृद्धि पर बजट में चुप्पी पर अफसोस जताते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, ‘‘जबकि कई अन्य राज्यों में महिला सशक्तीकरण के लिए मासिक भत्ते में बढ़ोतरी की गई है, यह सरकार गरीब परिवारों की महिलाओं के आर्थिक उत्थान की सुध लेने में विफल रही है। यह सरकार महिलाओं से जुड़े मुद्दों (उनकी आजीविका से लेकर सुरक्षा तक) का समाधान करने में विफल रही है।’’
नंदीग्राम से भाजपा विधायक ने कहा कि यह बजट राज्य के दो करोड़ से अधिक युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने के बारे में कोई दिशा नहीं देता है।
अधिकारी ने कहा कि ‘आईसीडीएस’ कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने का निर्णय कोई नयी बात नहीं है, बल्कि यह स्मृति ईरानी द्वारा वर्षों पहले शुरू की गई परियोजना का ही विस्तार है जिसे उस समय राज्य द्वारा लागू नहीं किया गया था, बल्कि आवंटन को अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया था।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि बजट में राज्य पर 6,000 करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ से मुक्ति पाने की कोई उम्मीद नहीं है, जो ‘राज्य सरकार की अयोग्यता’ का परिणाम है।
प्रख्यात अर्थशास्त्री और भाजपा नेता अशोक लाहिड़ी ने कहा कि इस बजट में कोई दम नहीं है, बल्कि यह केवल खोखली वादों पर टिका है।
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