देश की खबरें | बसपा ने मप्र के सीधी जिले में नेताओं, कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए ‘‘सुरक्षा बल’’ का गठन किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने आरोप लगाया कि पार्टी नेताओं को सुरक्षा पाने में भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है और पार्टी ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए अपना एक ‘‘ सुरक्षा बल’’ का गठन किया है। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के बसपा पदाधिकारी ने शनिवार को यह बात कही।

सीधी (मप्र), चार दिसंबर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने आरोप लगाया कि पार्टी नेताओं को सुरक्षा पाने में भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है और पार्टी ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए अपना एक ‘‘ सुरक्षा बल’’ का गठन किया है। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के बसपा पदाधिकारी ने शनिवार को यह बात कही।

बसपा के सीधी जोन के प्रभारी राम खिलाड़ी रजक ने कहा कि पार्टी के इस ‘‘सुरक्षा बल’’ को मंजूरी देने के लिए पुलिस से अनुमति मांगी गई है। हालांकि पुलिस ने कहा कि इस तरह की व्यवस्था की कोई कानूनी वैधता नहीं है।

रजक ने कहा, ‘‘ इस सुरक्षा बल को बसपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की सुरक्षा का काम सौंपा जाएगा क्योंकि उनका उत्पीड़न किया जाता है और उनकी सुरक्षा की अनदेखी की जाती है।’’

उन्होंने कहा कि बसपा प्रमुख मायावती द्वारा दिए निर्देश और मध्य प्रदेश में पार्टी के भोपाल स्थित कार्यालय से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुसार ‘‘सुरक्षा दल’’ का गठन किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘ हम उत्पीड़ित हैं और अपने नेताओं को सुरक्षा दिलाने में भेदभाव का सामना कर रहे हैं, इसलिए हमने इस सुरक्षा बल का गठन कर सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।’’

उन्होंने कहा कि 16 सदस्यीय इस बल में ‘‘तीन इंस्पेक्टर, चार सब इंस्पेक्टर और नौ कांस्टेबल’’ शामिल हैं।

सोशल मीडिया में वायरल हुए एक वीडियो में ‘नेम प्लेट’ के साथ सफेद शर्ट और नीली पैंट पहने बसपा के सुरक्षा दस्ते के तीन सदस्य दिखाई दे रहे हैं। उनके कंधों पर रैंक के अनुसार सितारों के साथ नीली धारियों वाली पट्टी लगी दिखाई दे रही है।

यह वीडियो तब शूट किया गया जब वे शुक्रवार को सीधी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में गए थे।

इस बीच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अंजुलता पटले ने पुष्टि की कि बसपा नेताओं ने पुलिस को ऐसे ‘‘ सुरक्षा बल’’ के बारे में सूचित किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘किसी को भी ऐसा बल बनाने की अनुमति नहीं है। हमने उनसे इस बल के गठन के संबंध में अधिकार पत्र, यदि कोई है तो, प्रस्तुत करने के लिए कहा है।’’

पटले ने कहा कि बसपा नेताओं से कहा गया कि वे यातायात पुलिस की औपचारिक वर्दी से मिलती जुलती कोई वर्दी न पहनें क्योंकि इससे लोग गुमराह हो सकते हैं।

एएसपी ने कहा, ‘‘ हमने बसपा नेताओं से कहा है कि अगर इस निर्देश का पालन नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’

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