कोलकाता, तीन अक्टूबर पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की शानदार जीत के पांच महीने बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 58,835 मतों के अंतर से भवानीपुर उपचुनाव में रविवार को शानदार जीत हासिल की।
इससे पहले बनर्जी नंदीग्राम सीट से चुनाव हार गई थीं। कोलकाता के शहरी क्षेत्र में भवानीपुर सीट से बनर्जी की जीत ने गृह राज्य में उनकी लोकप्रियता को रेखांकित किया है।
मुख्यमंत्री बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) राज्य में दो अन्य सीटों पर हुए उपचुनाव में भी जीत हासिल करते दिख रही है। मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज और जंगीपुर विधानसभा क्षेत्रों में भी तृणमूल ने भारी बढ़त बना ली है। इन क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को मतदान हुआ था।
दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर सीट से टीएमसी उम्मीदवार बनर्जी को 85,263 वोट मिले। उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रियंका टिबरेवाल को 26,428 मत मिले, जबकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के श्रीजीव विश्वास को 4226 मत मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं भवानीपुर और पश्चिम बंगाल के लोगों को धन्यवाद देना चाहती हूं, जो इन नतीजों का इंतजार कर रहे थे। नंदीग्राम में मुझे हराने के लिए जो षड्यंत्र रचा गया था, उसका भवानीपुर की जनता ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। मैं अदालत में विचाराधीन मामले पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती। मतगणना समाप्त हो गई है, और हमने सीट जीत ली है।’’
मुख्यमंत्री इससे पहले नंदीग्राम सीट अपने पूर्व सहयोगी शुभेंदु अधिकारी से हार गई थीं, जो अब राज्य विधानसभा में भाजपा के विपक्ष के नेता हैं। हार के बाद बनर्जी ने चुनाव परिणाम को कानूनी चुनौती दी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह पहली बार है जब हमने इस निर्वाचन क्षेत्र के सभी (नगरपालिका) वार्डों में जीत हासिल की है। इस बार जीत का अंतर बहुत ज्यादा है।’’ बनर्जी ने छह महीने के भीतर चुनाव कराने के लिए निर्वाचन आयोग को धन्यवाद दिया। बनर्जी ने दावा किया, ‘‘जब से बंगाल में विधानसभा चुनाव शुरू हुए, केंद्र ने हमें सत्ता से हटाने की साजिश रची।’’ बनर्जी ने 2011 से इस सीट पर तीन बार जीत दर्ज की है।
नंदीग्राम में बनर्जी की हार के बाद, राज्य के मंत्री सोभनदेब चट्टोपाध्याय ने विधानसभा में उनकी वापसी की राह आसान बनाने के लिए भवानीपुर सीट खाली कर दी थी। टीएमसी ने अप्रैल-मई विधानसभा चुनाव में करीब 28,000 मतों के अंतर से भवानीपुर सीट जीती थी। इस सीट पर 2011 के बाद से ही टीएमसी का कब्जा है।
भवानीपुर महानगर कोलकाता की ई और जातीय विविधता को दर्शाता है और यहां बांग्ला भाषी लोगों के साथ-साथ पंजाबी, गुजराती और हिंदी भाषी लोगों की अच्छी खासी आबादी है।
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