देश की खबरें | ब्रत्या ने टीईटी उम्मीदवारों से प्रदर्शन वापस लेने की अपील की, न्याय का वादा किया
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कोलकाता, 27 सितंबर पश्चिम बंगाल के शिक्षामंत्री ब्रत्या बसु ने प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अर्हता परीक्षा (टीईटी) के उम्मीदवारों से मंगलवार को अपना आंदोलन वापस लेने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिया कि राज्य सरकार उनकी शिकायतों का समाधान करेगी।
बसु ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त प्राथमिक स्कूलों में 5,261 पदों पर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से भर्ती सुनिश्चित करेगी।
मंत्री ने कहा, ‘‘ प्रकिया (भर्ती की) पहले ही शुरू हो चुकी है और मैं कई महीनों से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे टीईटी उम्मीदवारों से आंदोलन वापस लेने का अनुरोध करता हूं। सरकार को उनके मुद्दों के प्रति सहानुभूति है।’’
उन्होंने कहा कि टीईटी-2014 और 2016 में सफल और अनुचित रूप से वंचित रहे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी और सरकार कोई भेदभाव नहीं हो यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बसु ने कहा कि 5,261 शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक पदों पर भर्ती स्कूलों में शिक्षक- विद्यार्थी अनुपात के आधार पर की जाएगी।
पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष गौतम पॉल ने बताया कि अगली टीईटी परीक्षा 11 दिसंबर को होगी और करीब 11 हजार पदों को भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि टीईटी प्रत्येक साल होगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2014 और 2016 में आयोजित टीईटी परीक्षा में सफल हजारों उम्मीदवार नियुक्ति नहीं मिलने पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें से करीब 200 उम्मीदवार कोलकाता के मैदान इलाके में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष करीब 520 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि राज्य सरकार रोजगार के उम्मीदवारों के बीच अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है।
पार्टी प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘ राज्य सरकार ने कई टीईटी उत्तीर्ण उम्मीदवारों को वंचित किया जबकि अयोग्य लोगों की भर्ती की। पूरे मामले की अदालत की निगरानी में जांच होने पर ही सच्चाई सामने आएगी। भाजपा चाहती है कि सरकार केवल योग्य उम्मीदवारों की भर्ती के लिए सभी जरूरी कदम उठाए।’’
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा टीईटी और स्कूली सेवा आयोग भर्ती में कई अनियमितताएं पाए जाने और हस्तक्षेप करने के बाद ही सरकार ने कार्रवाई की।
माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘अब, मंत्री के पास इन बच गए योग्य उम्मीदवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।’’
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