देश की खबरें | बीएमसी ने उच्च जोखिम वाले देशों से आने वाले यात्रियों के लिए सात दिन का पृथक-वास अनिवार्य किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उच्च जोखिम वाले देशों से शहर में आने वाले लोगों के लिए सात दिन का गृह पृथकवास अनिवार्य किया है।

मुंबई, चार दिसंबर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उच्च जोखिम वाले देशों से शहर में आने वाले लोगों के लिए सात दिन का गृह पृथकवास अनिवार्य किया है।

बीएमसी द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया कि गृह पृथकवास की अवधि के दौरान, इसके वार्ड-स्तरीय कोविड-19 वॉर रूम के कर्मचारी इन देशों से लौटे लोगों को दिन में पांच बार कॉल करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं।

मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर रोजाना हजारों यात्रियों का आवागमन होता है।

नगरपालिका के आदेश में कहा गया है कि हवाई अड्डे के अधिकारियों के समन्वय के साथ, बीएमसी को हर दिन यात्रियों की एक सूची प्राप्त होगी, जो "उच्च-जोखिम" या "जोखिम में" के रूप में परिभाषित देशों से आते हैं। सूची में इन यात्रियों के विस्तृत पते और संपर्क नंबर भी शामिल होंगे।

उसमें कहा गया, “बीएमसी को सूची रोजाना सुबह 10 बजे मिलेगी, जिसके बाद उसके कर्मचारी यात्रियों से संपर्क कर उन्हें अगले सात दिनों तक घर में पृथकवास की सूचना देंगे। पृथकवास संबंधी आदेश का पालन करना अनिवार्य है और यदि यात्री इसका उल्लंघन करते पाए जाते हैं तो उन्हें सरकार द्वारा संचालित संस्थानों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।”

आदेश में कहा गया कि सात दिनों के बाद आरटी-पीसीआर जांच की जाएगी और उसके अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

बीएमसी ने आदेश में कहा, “वार्ड-स्तरीय वॉर रूम यात्रियों के स्वास्थ्य की स्थिति की निगरानी के लिए दिन में पांच बार फोन कर यह सुनिश्चित करेंगे कि ये सभी यात्री अपने घर में पृथक-वास की अवधि के दौरान दिन में पांच बार कॉल करके प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कर रहे हैं।”

उसमें कहा गया कि वार रूम को ऐसे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की हाउसिंग सोसाइटी को घर में पृथकवास के परामर्श के बारे में सूचित करने के लिए भी कहा गया है। पृथकवास अवधि के दौरान किसी भी आगंतुक को उनके घर पर जाने की अनुमति नहीं होगी। यदि आदेश का उल्लंघन किया जाता है, तो हाउसिंग सोसाइटी प्रबंधन को इसकी सूचना वार्ड कार्यालय या नगरपालिका के चिकित्सा अधिकारियों को देने के लिए कहा गया है।

पहली बार दक्षिण अफ्रीका में मिला ओमीक्रोन स्वरूप को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चिंता का स्वरूप वर्गीकृत किया है।

भारत में ओमीक्रोन के पहले मामलों की पुष्टि कर्नाटक में दो लोगों में हुई है।

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