देश की खबरें | बिहार सरकार को केंद्र से बाढ़ को "राष्ट्रीय आपदा" घोषित करने की मांग करनी चाहिए : यशवंत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक अलायंस (यूडीए) के संयोजक यशवंत सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि बाढ़ पर मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को राज्य में आयी बाढ़ को "राष्ट्रीय आपदा" के रूप में घोषित करने की मांग करनी चाहिए ।
पटना, 11 अगस्त पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक अलायंस (यूडीए) के संयोजक यशवंत सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि बाढ़ पर मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को राज्य में आयी बाढ़ को "राष्ट्रीय आपदा" के रूप में घोषित करने की मांग करनी चाहिए ।
बिहार के राज्यपाल के कार्यालय को एक ज्ञापन सौंपने के बाद यहां संवाददाताओं से बात करते हुए सिन्हा ने आरोप लगाया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे ऊंचे स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पडा है। उनके लिए कोई राहत सामग्री नहीं पहुंची है।
उन्होंने कहा, “उत्तर बिहार के एक बडे क्षेत्र के अलावा बाढ़ से 75 लाख लोग प्रभावित हुए हैं…बिहार सरकार को केंद्र सरकार से इसे (बाढ़) राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का अनुरोध करना चाहिए।’’
सिन्हा ने कहा कि बाढ़ पर मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत ही पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) को राज्य में आना चाहिए था। कम से कम, उन्हें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों (राज्य के) का एक हवाई सर्वेक्षण करना चाहिए था।’’
सिन्हा ने आरोप लगाया कि वे एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल फागू चौहान से मिलकर उन्हें बाढ के हालात से अवगत कराना चाहते थे पर यह जानकर निराशा हुई कि राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव, नागमणि, पूर्व सांसद अरुण कुमार, पूर्व मंत्री रेणु कुशवाहा, उच्चतम न्यायालय के वकील राजीव भृगुकुमार और मोहम्मद अशफाक रहमान शामिल थे।
अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रहे सिन्हा, नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों और कार्यशैली के मुखर आलोचक रहे हैं।
पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि उनकी टीम ने 3 से 5 अगस्त के बीच बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और लोगों के साथ बातचीत की। इसी आधार पर ज्ञापन तैया गया। इसमें बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग सहित सात-आठ महत्वपूर्ण सुझावों को शामिल किया गया।
सिन्हा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने लंबे दावे किए हैं कि इसने लोगों के लिए बहुत कुछ किया है, लेकिन तथ्य यह है कि इसने कुछ नहीं किया है क्योंकि लोगों ने उनकी टीम से शिकायत की है कि उन्हें सरकार से किसी तरह की सहायता नहीं मिली है ।
यूडीए के संयोजक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने महीनों तक अपने आवास में रहना चुना पर जब उनकी (सिन्हा की) टीम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा शुरू किया तो उन्होंने दरभंगा और वाल्मीकिनगर और कुछ अन्य क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया ।
सिन्हा ने कहा, “मैं न तो पुलिस से डरता हूं और न ही कोरोना वायरस से। मैं सिर्फ लोगों के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा हूं।”
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