जरुरी जानकारी | अपीलीय न्यायाधिकरण ने एटीएस समूह की कंपनी के लिये कर्जदाताओं की समिति के गठन पर रोक लगायी

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नयी दिल्ली, 12 अप्रैल राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने दिवाला कार्यवाही का सामना कर रही रियल एस्टेट कंपनी आनंदा डिवाइन डेवलपर्स के कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) गठित करने पर रोक लगा दी है।

आनंदा डिवाइन डेवलपर्स नोएडा के एटीएस समूह की कंपनियों में से एक है।

उल्लेखनीय है कि 25 करोड़ रुपये के बकाये के दावे को लेकर आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल वेंचर की याचिका पर राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की दिल्ली पीठ ने 25 मार्च को आनंदा डिवाइन डेवलपर्स के खिलाफ ऋणशोधन कार्यवाही शुरू की थी।

एनसीएलटी ने कंपनी के निदेशक मंडल को निलंबित करते हुए प्रबंधन का जिम्मा लेने को अंतरिम समाधान पेशेवर नियुक्त किया था।

इस आदेश को कंपनी ने अपीलीय न्यायाधिकरण में चुनौती दी थी।

तीन सदस्यीय अपीलीय न्यायाधिकरण की पीठ ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल वेंचर को नोटिस देकर दो सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है।

एनसीएलएटी के चेयरमैन न्यायाधीश अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि कर्जदाताओं की समिति गठित नहीं की जाएगी।

एनसीएलटी ने 25 मार्च, 2022 को कर्जदाताओं की समिति गठित करने का आदेश दिया था।

अपीलीय न्यायधिकरण ने मामले की अगली सुनवाई के लिये 11 मई की तारीख तय की है।

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