नयी दिल्ली, 11 फरवरी दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि महरौली पुरातात्विक उद्यान क्षेत्र में एक दिन पहले ‘अतिक्रमण विरोधी अभियान’ में करीब 1200 वर्गमीटर सरकारी जमीन वापस ली गयी।
प्राधिकरण ने पुलिस सुरक्षा में शुक्रवार को यह अभियान चलाया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने अभियान का जबर्दस्त विरोध किया। आम आदमी पार्टी (आप) एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक-दूसरे पर निशाना साधा।
डीडीए ने शनिवार को कहा कि यह अभियान जारी रहेगा। उसने कहा, ‘‘ 10 फरवरी को इस ध्वस्तीकरण अभियान के तहत अबतक डीडीए/सरकार की करीब 1200 वर्गमीटर जमीन अतिक्रमणकर्ताओं से वापस ली गयी है तथा अतिक्रमण की गयी बाकी जमीन भी वापस लेने के लिए यह अभियान जारी है ताकि उद्यान के तौर पर सभी नागरिक उसका उपयोग कर सकें।’’
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया था कि यह कार्रवाई अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत की गयी है जो नौ मार्च तक जारी रहेगा।
यह कार्रवाई दक्षिण दिल्ली के इस पुरातात्विक उद्यान में होने वाली जी 20 बैठक से एक महीने पहले की गयी है।
डीडीए के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ अतीत में अदालत ने विभिन्न मामलों के सिलसिले में इस ऐतिहासिक उद्यान में अतिक्रमण का संज्ञान लिया है और पिछले कुछ दशकों में कई लोगों ने इस क्षेत्र में पांच-पांच, छह-छह मंजिले मकान बना लिये हैं। पिछले दिसंबर में नोटिस जारी किया था और लोगों को अतिक्रमण हटाओ अभियान से वाकिफ करने के लिए दीवारों पर यह नोटिस चिपकाया गया था। ’’
डीडीए ने महरौली पुरातात्विक उद्यान में लाडो सराय गांव की डीडीए जमीन पर से अतिक्रमण हटाने के लिए दिल्ली पुलिस की मदद से 10 फरवरी को अभियान शुरू किया।
प्राधिकरण ने शनिवार को एक बयान में कहा कि इस उद्यान में 55 स्मारक हैं जो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, दिल्ली के पुरातत्व विभाग और डीडीए के संरक्षण में हैं।
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