चीन से कुछ रसायनों के आयात पर डंपिंग रोधी शुल्क आगे भी जारी रखा जा सकता है
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नयी दिल्ली, पांच मई चीन से आयात होने वाले एक रसायन पर भारत में डंपिंग रोधी शुल्क कुछ और समय तक जारी रह सकता है। इस रसायन का इस्तेमाल खाद्य एवं दवा उद्योग में किया जाता है। वाणिज्य मंत्रालय ने रसायन पर डंपिंग रोधी शुल्क जारी रखने की सिफारिश की है ताकि सस्ते आयात से घरेलू उद्योगों की रक्षा की जा सके।

वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले राजस्व विभाग ने मई 2015 में चीन से आयात किये जाने वाले रसायन सोडियम साइट्रेट पर पांच साल के लिये डंपिंग रोधी शुल्क लगा दिया था। शुल्क की यह अवधि 19 मई 2020 को समाप्त हो रही है।

चीन से सोडियम साइट्रेट के आयात पर डंपिंग रोधी शुल्क जारी रखने के लिये पोसी फार्माकैम प्रा. लि. ने आवेदन किया है। इसके साथ ही अडाणी फार्माकेम, अल्पाइन लैब्स, इंडिया फास्फेट एण्ड सुनील केमिकल्स ने भी इसका समर्थन किया है।

वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करने वाले व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने अपनी जांच में सोडियम साइट्रेट रसायन की डंपिंग को सही पाया। डीजीटीआर ने घरेलू उद्योग के हितों की रक्षा के लिए इस रसायन पर मौजूदा डंपिंग रोधी शुल्क को जारी रखने की वकालत की है।

महानिदेशालय ने रसायन के आयात पर प्रति टन 96.05 डॉलर और 152.78 डॉलर के दो डंपिंग रोधी शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया है। इस पर अंतिम निर्णय अब वित्त मंत्रालय को लेना है।

डीजीटीआर किसी उत्पाद या आयातित वस्तु की जांच कर डंपिंग रोधी शुल्क लगाने का प्रस्ताव करता है। वाणिज्य मंत्रालय इसकी सिफारिश वित्त मंत्रालय से करता है। डंपिंग रोधी शुल्क लगाने पर अंतिम निर्णय वित्त मंत्रालय करता है।

महानिदेशालय ने कहा है कि यदि इस उत्पाद से डपिंग रोधी शुल्क को हटा लिया जाता है तो इसके पक्ष में काफी सकारात्मक सबूत हैं कि रसायन की डंपिंग बढ़ सकती है और घरेलू उद्योग को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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