देश की खबरें | बाल तस्करी रोधी प्रकोष्ठ ने अब तक 964 बच्चों को मुक्त कराया: एनसीपीसीआर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने रविवार को कहा कि बाल तस्करी रोधी प्रकोष्ठ के गठन के बाद से अब तक करीब 964 बच्चों को मुक्त कराया गया है।
नयी दिल्ली, 25 मई राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने रविवार को कहा कि बाल तस्करी रोधी प्रकोष्ठ के गठन के बाद से अब तक करीब 964 बच्चों को मुक्त कराया गया है।
आयोग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, हाल में बिहार के सारण जिले में एक 'ऑर्केस्ट्रा' समूह से 17 किशोरियों को मुक्त कराया गया।
बयान में कहा गया है कि आयोग को एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) से यह जानकारी मिली थी कि स्थानीय 'ऑर्केस्ट्रा' समूहों द्वारा कई किशोरियों से अश्लील नृत्य करवाया जा रहा, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
आयोग ने सारण के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. कुमार आशीष को तत्काल इन किशोरियों को मुक्त कराने का निर्देश दिया, जिसके बाद एसपी ने मशरख, पानापुर और इसुआपुर पुलिस थानों के पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम बनाई।
इस समन्वित अभियान में 17 किशोरियों को मुक्त कराया गया जिनमें मशरख से छह, पानापुर से सात और इसुआपुर से चार थीं।
मुक्त कराई गईं किशोरियों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया गया, जो अब उनके पुनर्वास प्रक्रिया की निगरानी कर रही है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
आयोग ने कहा कि वह संविधान और विभिन्न कानूनों जैसे कि किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015, पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम 2012 और मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
एनसीपीसीआर ने कहा कि बाल तस्करी रोधी प्रकोष्ठ बच्चों की तस्करी की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए गठित किया गया है। यह प्रकोष्ठ देशभर में संकट में फंसे बच्चों की पहचान और मुक्त कराने में अहम भूमिका निभा रहा है।
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