देश की खबरें | आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अंतरराज्यीय मुद्दों के समाधान के लिए समिति गठित करने की मांग की

तिरुपति, 14 नवंबर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने रविवार को केंद्र से केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का अनुरोध किया ताकि अंतरराज्यीय मुद्दों को समयबद्ध तरीके से हल किया जा सके।

मंदिर नगरी में दक्षिण क्षेत्रीय परिषद की 29वीं बैठक में अपने उद्घाटन भाषण में मुख्यमंत्री ने इस बात पर अफसोस जाहिर किया कि राज्य के विभाजन के सात साल बाद भी आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच सभी मुद्दे अनसुलझे हैं।

रेड्डी ने कहा, “देश के समग्र विकास के लिए केंद्र-राज्य और अंतरराज्यीय संबंधों की मजबूती सबसे अहम है। इसलिए, मैं एक तंत्र की दिशा में काम करने की जरूरत पर जोर देता हूं जो पक्षों के बीच मौजूदा मुद्दों का सौहार्दपूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करे।”

मुख्यमंत्री ने राज्य को विशेष श्रेणी का दर्जा देने सहित आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 में निहित कई मुद्दों का उल्लेख किया, जिनका अब तक समाधान नहीं हुआ है।

रेड्डी ने कहा कि राज्य का विभाजन इस शर्त पर हुआ था कि राज्य को विशेष श्रेणी का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन वर्षों बीतने के बावजूद यह वादा पूरा नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा, “2014 में पूर्ववर्ती राज्य आंध्र प्रदेश के बंटवारे के बाद, नवगठित राज्य तेलंगाना और उत्तरवर्ती राज्य आंध्र प्रदेश में विभाजन से संबंधित कई मुद्दे हैं जिनका समाधान होना बाकी है। इन मुद्दों के लंबे समय तक लंबित रहने से न केवल राज्यों को भारी आर्थिक नुकसान सहने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, बल्कि राज्यों के बीच संबंधों में तनाव आने की भी संभावना है।”

उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि एक उपयुक्त समाधान सामने आए और मुद्दों का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।

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