देश की खबरें | अमेरिका के प्रधान उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने विदेश मंत्री जयशंकर और डोभाल से मुलाकात की
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नयी दिल्ली, चार दिसंबर अमेरिका के प्रधान उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन फाइनर ने सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और एनएसए अजीत डोभाल से अलग-अलग मुलाकात की और विभिन्न द्विपक्षीय तथा वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
अमेरिका में एक सिख अलगाववादी को मारने की नाकाम साजिश में भारत का हाथ होने के अमेरिकी आरोप के बाद दोनों पक्षों के बीच पहली बार अधिकारियों की मुलाकात की सार्वजनिक रूप से जानकारी सामने आई है।
नयी दिल्ली के दौरे पर आए फाइनर और उनके भारतीय समकक्ष विक्रम मिसरी ने व्यापक वार्ता के दौरान क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज (आईसीईटी) पर भारत-अमेरिका पहल की पहली व्यापक मध्यावधि समीक्षा की।
पिछले साल मई में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडन ने नई और उभरती प्रौद्योगिकियों में दोनों देशों के बीच परिणाम-उन्मुख सहयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए आईसीईटी की शुरुआत की थी।
विदेश मंत्रालय ने कहा, “परामर्श के दौरान, दोनों उप एनएसए ने प्रमुख द्विपक्षीय मुद्दों की समीक्षा की और क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया।”
नयी दिल्ली में यह बैठक अमेरिकी अभियोजकों द्वारा अमेरिका में खालिस्तानी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू को मारने की साजिश में कथित संलिप्तता को लेकर एक भारतीय नागरिक के खिलाफ अदालत में दायर किए गए एक मामले की पृष्ठभूमि में हुई।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि फाइनर ने एनएसए डोभाल और विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात की और वह विदेश सचिव विनय क्वात्रा से मुलाकात करेंगे।
समझा जाता है कि फाइनर और भारतीय पक्ष के बीच बैठक में यह मुद्दा उठा, हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “आज दोपहर अमेरिका के प्रधान उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन फाइनर से अच्छी मुलाकात हुई। वैश्विक स्थिति पर विचारों का सार्थक आदान-प्रदान हुआ। हमारे द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।”
भारत ने बृहस्पतिवार को अमेरिका द्वारा एक भारतीय अधिकारी को सिख चरमपंथी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोपी व्यक्ति से जोड़ने को “चिंता का विषय” बताया था।
भारत ने संबंधित आरोपों की जांच के लिए एक जांच दल का गठन किया है और कहा कि आगे के कदम आरोपों की जांच कर रहे दल के निष्कर्षों के आधार पर उठाए जाएंगे।
अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने बुधवार को 52 वर्षीय निखिल गुप्ता पर पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया।
अभियोजकों ने मैनहट्टन अदालत को सूचित किया कि चेक गणराज्य के अधिकारियों ने गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है और वह हिरासत में है।
‘सिख फॉर जस्टिस’ के नेता पन्नू की भारतीय जांच एजेंसियों को विभिन्न आतंकी आरोपों में तलाश है।
अनाम सूत्रों का हवाला देते हुए फाइनेंशियल टाइम्स ने पिछले महीने पहली बार यह खबर दी थी कि अमेरिकी अधिकारियों ने पन्नू की हत्या की साजिश को नाकाम कर दिया है और इस साजिश में शामिल होने की चिंताओं पर भारत सरकार को चेतावनी जारी की।
वाशिंगटन पोस्ट ने 29 नवंबर को कहा कि बाइडन प्रशासन साजिश का पता चलने के बाद इतना चिंतित था कि उसने जांच की मांग करने और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए क्रमशः अगस्त और अक्टूबर में सीआईए निदेशक विलियम जे. बर्न्स और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक एवरिल हेन्स को भारत भेजा।
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