जरुरी जानकारी | अदाणी समूह को मिली 36,000 करोड़ रुपये की मोतीलाल नगर पुनर्विकास परियोजना
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मुंबई में धारावी झुग्गी पुनर्विकास परियोजना से जुड़े अदाणी समूह ने अब मोतीलाल नगर के पुनर्विकास के लिए 36,000 करोड़ रुपये की सर्वाधिक बोली लगाई है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 11 मार्च मुंबई में धारावी झुग्गी पुनर्विकास परियोजना से जुड़े अदाणी समूह ने अब मोतीलाल नगर के पुनर्विकास के लिए 36,000 करोड़ रुपये की सर्वाधिक बोली लगाई है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
मोतीलाल नगर-1, 2 और 3 मुंबई की सबसे बड़ी आवास पुनर्विकास परियोजनाओं में से एक है। यह उपनगरीय इलाके गोरेगांव (पश्चिम) में 143 एकड़ में फैली हुई है।
मामले के जानकार सूत्रों ने कहा कि अदाणी समूह की कंपनी अदाणी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड (एपीपीएल) इस परियोजना के लिए सबसे अधिक बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है। इसने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एलएंडटी के मुकाबले अधिक निर्मित क्षेत्र की पेशकश की है।
इस परियोजना के लिए अदाणी समूह को आवंटन पत्र (एलओए) निर्धारित समय में जारी कर दिया जाएगा।
हालांकि, अदाणी समूह ने इस घटनाक्रम पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
अदाणी समूह पहले से ही एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्तियों में शामिल धारावी का पुनर्विकास कर रहा है। धारावी पुनर्विकास परियोजना प्राइवेट लिमिटेड (अब नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड) में अदाणी समूह की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी है जबकि बाकी हिस्सेदारी राज्य सरकार की है।
मुंबई उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह ही महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) को किसी निर्माण एवं विकास एजेंसी (सीएंडडीए) के जरिये मोतीलाल नगर का पुनर्विकास करने की अनुमति दी थी।
राज्य सरकार ने इसे एक ‘विशेष परियोजना’ घोषित किया है। म्हाडा का इस पर नियंत्रण बना हुआ है लेकिन उसने काम पूरा करने के लिए आवश्यक क्षमता न होने पर सीएंडडीए के जरिये काम कराने का फैसला किया है।
सूत्रों के मुताबिक, अदाणी समूह मोतीलाल नगर को आधुनिक फ्लैट वाले इलाके में बदलने की कोशिश करेगा। मोतीलाल नगर के पुनर्विकास की कुल अनुमानित लागत लगभग 36,000 करोड़ रुपये है, और पुनर्वास अवधि परियोजना की शुरुआत/आरंभ तिथि से सात साल है।
मोतीलाल नगर पुनर्विकास के लिए निविदा शर्तों के तहत सीएंडडीए को 38.3 लाख वर्ग मीटर का आवासीय क्षेत्र सौंपना होगा। अदाणी समूह की कंपनी ने म्हाडा को 39.7 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र सौंपने पर सहमति जताते हुए बोली जीती है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)