जरुरी जानकारी | फर्जी बिल जारी करने, इनपुट टैक्स क्रेडिट धोखाधड़ी मामले में एकाउंटेन्ट गिरफ्तार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. जीएसटी अधिकारियों ने एक एकाउंटेन्ट को कथित रूप से 1,000 करोड़ रुपये के फर्जी बिल जारी करने और 181 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) धोखाधड़ी को लेकर गिरफ्तार किया है। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) प्राधिकरण ने बुधवार को यह जानकारी दी।
मुंबई, 26 जनवरी जीएसटी अधिकारियों ने एक एकाउंटेन्ट को कथित रूप से 1,000 करोड़ रुपये के फर्जी बिल जारी करने और 181 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) धोखाधड़ी को लेकर गिरफ्तार किया है। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) प्राधिकरण ने बुधवार को यह जानकारी दी।
आधिकारिक बयान के अनुसार 12वीं कक्षा तक पढ़ाई कर चुके और पेशे से एकाउंटेन्ट 27 वर्षीय व्यक्ति को मुंबई क्षेत्र के पालघर सीजीएसटी आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों ने गिरफ्तार किया है। व्यक्ति ने जीएसटी सलाहकर के रूप में भी काम किया है।
बयान में कहा गया है कि आंकड़ों के विश्लेषण से प्राप्त विशिष्ट जानकारी के आधार पर मामले की जांच शुरू हुई। इसमें पता चला कि मेसर्स निथिलान एंटरप्राइजेज माल या सेवाओं की प्राप्ति के बिना फर्जी बिल जारी करके गलत तरीके से आईटीसी का लाभ उठाने और उसे देने में शामिल थी।
जांच से पता चला कि एकाउंटेन्ट ने आर्थिक लाभ के लिये जीएसटी धोखाधड़ी को लेकर अपने ग्राहकों में से एक की पहचान को चुराया। एकाउंटेन्ट के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।
बयान के अनुसार साक्ष्यों को रखे जाने के बाद एकाउंटेन्ट ने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी बिल जारी करने और गलत तरीके से 181 करोड़ रुपये के आईटीसी का लाभ लेने की बात स्वीकार की। उसे बाद में मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
स्थानीय अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।
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