देश की खबरें | भीषण आंधी के कारण लुटियन दिल्ली में 77 पेड़ गिरे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली में सोमवार को आई भीषण आंधी और बारिश में लुटियन इलाके के 77 पेड़ गिर गए हैं। इनमें से कुछ पेड़ दशकों पुराने थे। पेड़ों की 58 बड़ी शाखाएं भी गिर पड़ीं। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 31 मई दिल्ली में सोमवार को आई भीषण आंधी और बारिश में लुटियन इलाके के 77 पेड़ गिर गए हैं। इनमें से कुछ पेड़ दशकों पुराने थे। पेड़ों की 58 बड़ी शाखाएं भी गिर पड़ीं। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

परिषद के बागबानी विभाग को आशंका है कि सोमवार को गिरे पेड़ों में वे वृक्ष भी शामिल हो सकते हैं जिन्हें एनडीएमसी ने ‘ विरासत पेड़’ का दर्जा दिया है। हालांकि टीम ने अबतक अपनी क्षति आकलन रिपोर्ट को पूरा नहीं किया है।

आम तौर पर 80 साल पुराने पेड़ को ‘विरासत पेड़’ का दर्जा दिया जाता है।

एनडीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “कल शाम भीषण तूफान के दौरान कुल 77 पेड़ गिर गए, जबकि 58 बड़ी शाखाएं गिर गईं, जिससे एनडीएमसी क्षेत्रों में कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं। सभी सड़कों को साफ कर दिया गया है।”

गिरे पेड़ों में नीम के सात, पीपल के छह, जामुन के पांच, अर्जुन के चार और सीमल, पिलखान और बरगद के दो-दो वृक्ष शामिल हैं। इसके अलावा अन्य प्रजातियों के पेड़ भी गिरे हैं।

अधिकारी ने बताया कि सबसे ज्यादा छह पेड़ बाबा खड़क सिंह मार्ग पर गिरे हैं, जबकि संसद मार्ग पर पांच नीम के वृक्ष गिर गए। पेड़ों की सबसे ज्यादा 12 शाखाएं मोतीलाल नेहरू मार्ग पर गिरी हैं, जबकि गोल्फ लिंक पर आठ शाखाएं टूटी हैं।

गिर गए पेड़ों और मलबे को हटाने के लिए बागवानी विभाग और एनडीएमसी का प्रवर्तन विभाग जिम्मेदार है।

नीम, पीपल, पिलखान, जामुन, अर्जुन, खिरनी और इमली जैसी देशी वृक्ष प्रजातियों को तब इस क्षेत्र में लगाया गया था जब ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लैंडसीर लुटियंस को वर्ष 1911 में नई दिल्ली की योजना बनाने का काम सौंपा गया था।

एनडीएमसी की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक लुटियन दिल्ली वर्ष 2015 से 1813 पेड़ गंवा चुकी है। अधिकारियों ने दावा किया कि 2015-16 से 2021-22 तक करीब 300 विरासत पेड़ भी गिर गए हैं।

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