विदेश की खबरें | हिप-हॉप के 50 बरस : संगीत की ध्वनियाँ, दृश्य और हावभाव दुनिया भर में कैसे फैले

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. सान फ्रांसिस्को, 16 अगस्त (द कन्वरसेशन) 11 अगस्त 1973 को, डीजे कूल हर्क और उनकी बहन सिंडी ने द ब्रोंक्स, न्यूयॉर्क में 1520 सेडगेविक एवेन्यू के मनोरंजन कक्ष में एक नयी तरह के संगीत की शुरूआत की।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

सान फ्रांसिस्को, 16 अगस्त (द कन्वरसेशन) 11 अगस्त 1973 को, डीजे कूल हर्क और उनकी बहन सिंडी ने द ब्रोंक्स, न्यूयॉर्क में 1520 सेडगेविक एवेन्यू के मनोरंजन कक्ष में एक नयी तरह के संगीत की शुरूआत की।

हर्क की पार्टी संगीत के एक साथ आने और कुछ नई चीज़ की शुरुआत का प्रतिनिधित्व करती थी। हर्क ने जो डांसहॉल ध्वनियाँ बजानी शुरू की थीं, ब्रोंक्स की भीड़ उसे पसंद नहीं कर रही थी ।

इसलिए, हर्क ने ध्वनि बदल दी और वातावरण को जोड़ने के लिए स्ट्रोब-लाइट की तरह रोशनी के लिए मुख्य स्विच का उपयोग किया। उन्हें कम ही पता था कि उनके कार्यक्रम को दुनिया भर में हिप-हॉप बिरादरी द्वारा पिछली शताब्दी के सबसे महत्वपूर्ण रचनात्मक आंदोलनों में से एक बनने के शुरुआती बिंदु के रूप में स्वीकार किया जाएगा।

इस वर्ष, हिप-हॉप समुदाय के सदस्य, जो कई पीढ़ियों में फैले हैं, हिप-हॉप संस्कृति के मूल तत्वों का जश्न मनाएंगे: र्गैफिटी, ब्रेकिंग (या ब्रेकडांसिंग), डीजेइंग और रैपिंग जो पिछले 50 वर्षों में पनपे हैं।

हालाँकि 1973 को हिप-हॉप को जन्म देने वाले वर्ष के रूप में पहचाना जाता है, लेकिन 1979 तक हिप-हॉप संस्कृति से जुड़े पहले रैप रिकॉर्ड दर्ज नहीं किए गए थे। फैटबैक का किंग टिम III (पर्सनैलिटी जॉक) उस वर्ष के वसंत में आया और उसके बाद गर्मियों के अंत में सुगरहिल गैंग का रैपर्स डिलाइट आया। अगले तीन वर्षों में, डिस्को-उन्मुख रैप रिकॉर्ड की एक श्रृंखला आई, जिसने विनाइल के माध्यम से हिप-हॉप संस्कृति को मजबूत किया।

1973 और 1979 के बीच के छह साल हिप-हॉप के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ग्रैंडमास्टर फ्लैश, डीजे मीन जीन, ग्रैंडविजार्ड थियोडोर, डीजे ब्रेकआउट और द ब्रदर्स डिस्को से डीजे बैरन, अफ्रिका बंबाता और कूल हर्क अपने-अपने ब्रोंक्स क्षेत्र में अग्रणी हिप-हॉप जाम को आगे बढ़ा रहे थे। एमसी और रैपर्स, जैसे कोक ला रॉक, ग्रैंडमास्टर कैज़ और एम.सी. जी.एल.ओ.बी.ई. ने रैप शैलियाँ भी विकसित कीं।

ब्रेकर भी ब्रेकबीट के जवाब में नृत्य के मूव्ज, शैलियों और रूपों को तोड़ते हुए आगे बढ़ रहे थे - रिकॉर्ड के वे हिस्से जहां लय और ताल की जगह ली जाती है।

कूल हर्क ने मैरी-गो-राउंड विकसित किया, जो एक ही रिकॉर्ड की दो प्रतियों का उपयोग करके ब्रेक जारी रखने की एक विधि है, इस प्रकार एक ऐसा संगीत सामने आया, जहां ब्रेकर लंबे समय तक और अधिक रचनात्मक तरीके से नृत्य कर सकते हैं।

जबकि यह सब अमेरिका में फला-फूला, हिप-हॉप संस्कृति को अन्य देशों तक पहुँचने में लगभग एक दशक लग गया।

सुगरहिल गैंग का रैपर्स डिलाइट और कर्टिस ब्लो का क्रिसमस रैपिन' (1980) विदेशों में हिट थे।

हालाँकि, हिप-हॉप की पहचान को विश्व स्तर पर पंक इम्प्रेसारियो मैल्कम मैकलेरन और विश्व की प्रसिद्ध सुप्रीम टीम के बफ़ेलो गल्स संगीत वीडियो के दृश्यों द्वारा प्रसारित किया गया था। इसे 1982 में द न्यूयॉर्क सिटी रैप टूर से भी मदद मिली।

अपने पूरे इतिहास में, हिप-हॉप पर उचित संगीत का निर्माण न करने का आरोप लगाया गया है। रिकॉर्ड और स्टूडियो बैंड के फंक और डिस्को जैम के कवर संस्करणों से लेकर प्रोग्राम किए गए ड्रम मशीन और डिजिटल सैंपलिंग पर तुकबंदी के इसके शुरुआती अवतार 20 वीं सदी के संगीत के साथ सहज नहीं बैठते।

एमसी पर रैपिंग का आरोप लगाया गया क्योंकि वे गा नहीं सकते थे। ब्रेकिंग को पुरानी सनक का नाम दिया गया था, जिससे बच्चे बड़े होकर योयोइंग या पोगो स्टिक पर कूदना पसंद करते थे। हिप-हॉप ने मुख्यधारा के संगीत के मानदंडों को चुनौती दी। फिर भी, हम यहां एक सांस्कृतिक आंदोलन का आनंद ले रहे हैं जो लगातार विकसित हो रहा है।

हिप-हॉप का महत्व बहुआयामी है, लेकिन इसके बारे में सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक अपने प्रतिभागियों के लिए आत्मविश्वास, आत्म-अभिव्यक्ति और पहचान के रूपों को बढ़ावा देने की क्षमता है। तत्वों के अभ्यास के माध्यम से, हिप-हॉप अपनाने वाले कला बनाने के नए तरीके सीखते हैं। दृश्य कला, नृत्य और संगीत में औपचारिक शिक्षा अनावश्यक है, संगीत वाद्ययंत्रों का मालिक होना या नृत्य या कला स्टूडियो तक पहुंच होना आवश्यक नहीं है।

महत्वाकांक्षी हिप-हॉप कलाकार एक-दूसरे से सीखते हैं और "हर कोई दूसरे को सिखाता है" का लोकाचार - अफ्रीकी अमेरिकी कहावत से अनुकूलित - पूरी संस्कृति में लागू होता है। पहचान के विचारों से संबंधित, हिप-हॉप काले इतिहास की शिक्षाएँ भी लाता है - इतिहास जो परंपरागत रूप से पारंपरिक पश्चिमी स्कूल पाठ्यक्रम के माध्यम से नहीं पढ़ाया जाता था। इसे अक्सर हिप-हॉप का पाँचवाँ तत्व कहा जाता है।

80 के दशक के अंत में, पब्लिक एनिमी और नेटिव टंग्स कलेक्टिव रैप संगीत में सामाजिक चेतना का स्तर लाए, लेकिन हिप-हॉप ने हमेशा राजनीतिक और आलोचनात्मक बढ़त बनाए रखी है।

ब्रदर डी की हाउ वी गोना मेक द ब्लैक नेशन राइज़? 1980 से शायद यह सबसे स्पष्ट उदाहरण है: मेरे लोग, लोग, लोग, क्या आप नहीं देख सकते; वास्तव में क्या चल रहा है? बेरोज़गारी चरम पर है, आवास की स्थिति ख़राब है; और स्कूल ग़लत पढ़ा रहे हैं पानी से कैंसर, हवा में प्रदूषण; लेकिन आप जमकर पार्टी कर रहे हैं, जैसे आपको कोई परवाह ही नहीं है।

लेकिन ग्रैंडमास्टर फ्लैश और द फ्यूरियस फाइव के साथ अधिक प्रसिद्ध मेले मेल रिकॉर्डिंग ने सामाजिक रूप से जागरूक गीतों को मुख्यधारा में लाने का काम किया।

सामाजिक रूप से जागरूक हिप-हॉप का उदय श्रोताओं के लिए महत्वपूर्ण था। चक डी, उनके समूह पब्लिक एनिमी, और ग्रैंडमास्टर फ्लैश और द फ्यूरियस फाइव जैसे अन्य लोगों ने लुईस फर्रखान, मैल्कम एक्स और मार्टिन लूथर किंग जैसी राजनीतिक अश्वेत हस्तियों का गीतात्मक संदर्भ दिया।

हिप-हॉप ने हमेशा अपने भूमिगत लोकाचार के प्रति सच्चे रहते हुए, मुख्यधारा के प्रति एक प्रति-कथा तैयार की है। आप इसे कान्ये वेस्ट जैसे सुपरस्टार के संगीत में सुन सकते हैं, जिनके शुरुआती करियर के गीतों में अमेरिकी नस्लीय असमानता का गहराई से वर्णन किया गया था। उनके पहले एल्बम द कॉलेज ड्रॉपआउट के गीत नेवर लेट मी डाउन को लें, जहां उन्होंने रैप किया है कि कैसे उनके दादा-दादी ने नागरिक अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी।

आज के कई रैपर्स अभी भी असमानता को उजागर करने के लिए फॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। केंड्रिक लैमर और ट्रैविस स्कॉट जैसे लोकप्रिय कलाकार नस्लवाद, पीढ़ीगत आघात, असमानता और टूटी हुई संस्कृति के बारे में प्रेरक कहानियाँ बता रहे हैं। ये मुख्यधारा के कलाकार उसी मिट्टी से बने हैं, जिसने रफनेक जिहाद और वर्म्स अली जैसे अधिक भूमिगत रैपर्स को ढाला है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

T20 World Cup 2026 Semi Final Schedule: वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में भारत, 5 मार्च को वानखेड़े में इंग्लैंड से भिड़ंत; यहां देखें पूरा शेड्यूल

India vs West Indies, 52nd Match Scorecard: रोमांचक मुकाबले में वेस्टइंडीज ने टीम इंडिया को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह, संजू सैमसन ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें IND बनाम WI मैच का स्कोरकार्ड

Australia Women vs India Women, 3rd ODI Match Video Highlights: होबार्ट में ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को 185 रनों से रौंदा, सीरीज में 3-0 से किया क्लीन स्वीप; यहां देखें AUS W बनाम IND W मैच का वीडियो हाइलाइट्स

India vs West Indies, 52nd Match Scorecard: कोलकाता में वेस्टइंडीज ने टीम इंडिया के सामने रखा 196 रनों का टारगेट, रोवमैन पॉवेल और जेसन होल्डर ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

\