भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.उत्तर कोरिया पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, किम जोंग उन के साथ होगी बातचीत
घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी
फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, 4 से ज्यादा की मौत
ईरान के हमले के बाद इस्राएल का जवाबी हमला
सीबीएसई मूल्यांकन मामला : दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और सीबीएसई को जारी किया नोटिस
जापान: शहर में भालू के डर की वजह से बंद किए गए करीब 100 स्कूल
न्यूज चैनल पर इंटरव्यू बीच में ही छोड़कर उठे डॉनल्ड ट्रंप, एंकर को लगाई फटकार
एयरलाइन प्रमुखों का दावा, 2050 तक हवाई सफर को 'नेट जीरो' बनाना नामुमकिन
तेहरान में भारतीय दूतावास की एडवाइजरी, ईरान छोड़ें भारतीय नागरिक
सिपरी रिपोर्ट: परमाणु हथियारों की नई होड़ तेज, भारत और पाकिस्तान ने बढ़ाई ताकत
मध्य पूर्व को और तनाव की जरूरत नहीं: काया कलास
यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए साथ आए ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस
खतरनाक गर्मी के साए में खेले जाएंगे फीफा विश्व कप के कई मैच: यूएन
11 जून से शुरू होने जा रहे '2026 फीफा वर्ल्ड कप' पर जलवायु परिवर्तन की गंभीर मार पड़ने वाली है. संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने सोमवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस बार टूर्नामेंट के दौरान अत्यधिक और जानलेवा गर्मी एक बड़ा और निर्णायक फैक्टर साबित होगी. जर्मनी के बॉन शहर में शुरू हुए 10 दिवसीय जलवायु सम्मेलन के दौरान सचिवालय ने साफ किया कि बढ़ते वैश्विक तापमान का सीधा असर खेल के मैदान, स्टैंड्स में बैठे दर्शकों और सभी मेजबान शहरों में साफ तौर पर देखा जाएगा.
फुटबॉल क्लब की जीत के बाद पेरिस में हंगामा, 400 लोग हिरासत में
रिपोर्ट के मुताबिक, इस वर्ल्ड कप के दौरान लगभग हर चार में से एक मैच (करीब 25 प्रतिशत मुकाबले) बेहद खतरनाक और भीषण गर्मी के बीच खेले जाने की आशंका है. हालांकि, मैदान पर खेलने वाले खिलाड़ियों को खेल के दौरान तुरंत सघन चिकित्सा देखभाल और अन्य जरूरी सुविधाएं मिल जाएंगी, लेकिन स्टेडियम में मैच देखने पहुंचने वाले लाखों प्रशंसकों को इस झुलसा देने वाली गर्मी से खुद ही निपटना होगा, जिसके लिए कोई विशेष इंतजाम नहीं हैं.
यूएन जलवायु एजेंसी ने सबसे ज्यादा चिंता स्टेडियम के बाहरी माहौल को लेकर जताई है, जहां खतरा सबसे अधिक हो सकता है. मैच से पहले और बाद में फैन जोन, टिकटों की लंबी कतारों, ट्रांसपोर्ट रूटों, कार पार्किंग और खुले आसमान के नीचे होने वाले जश्न के दौरान लोग घंटों तक खतरनाक लू और गर्मी की चपेट में रहेंगे.
महंगाई की मार: कंपनियां घटा रहीं पैक का आकार, बढ़ा रहीं दाम
महंगा ईंधन, माल ढुलाई और बीमा लागत में तेज बढ़ोतरी के बीच भारतीय कंपनियां अपने मुनाफे को बचाने के लिए कीमतें बढ़ाने और उत्पादों का आकार छोटा करने जैसे कदम उठा रही हैं. अमेरिका-इस्राएल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक व्यापार मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिसका असर भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर ज्यादा पड़ रहा है. कमजोर रुपये और बढ़ती महंगाई ने कंपनियों के लिए कीमत तय करना और मुश्किल बना दिया है.
महंगे पानी पर अब पैसा बहा रहे भारत के अमीर
हिंदुस्तान यूनिलीवर, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और डाबर इंडिया जैसी कंपनियों ने कई उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं, जबकि ब्रिटानिया भी इसी तरह की तैयारी में है. हालांकि कंपनियां 10 से 20 रुपये वाले छोटे पैक की कीमत नहीं बढ़ाना चाहतीं, इसलिए वे पैक का वजन कम कर रही हैं. डाबर के ग्लोबल सीईओ मोहित मल्होत्रा ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि कंपनियां ग्राहकों की संवेदनशीलता को देखते हुए सीधे कीमत बढ़ाने से बच रही हैं. वहीं मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और हुंडई ने भी वाहनों की कीमतें बढ़ाई हैं.
बढ़ती लागत का असर आम उपभोक्ताओं पर भी दिखने लगा है. हवाई किराये और पैकेज्ड फूड से लेकर रोजमर्रा के खर्च तक महंगे हो गए हैं. कंपनियां लागत कम करने के लिए विज्ञापन, यात्रा और मार्केटिंग खर्चों में कटौती कर रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तेल और कमोडिटी कीमतों में तेजी लंबे समय तक जारी रही, तो कंपनियों को या तो और ज्यादा कीमतें बढ़ानी होंगी या फिर मुनाफे में गिरावट झेलनी पड़ेगी.
ईरान ने किया इस्राएल के खिलाफ सैन्य अभियान रोकने का एलान
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने इस्राएल के खिलाफ अपने मौजूदा सैन्य अभियानों को समाप्त करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है. ईरानी समाचार एजेंसी 'फार्स' के अनुसार, तेहरान ने अपने हमले रोकने के साथ ही तेल अवीव को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि इस्राएल ने लेबनान पर अपनी सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की, तो उसे इससे भी कहीं अधिक घातक और भीषण जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है और इस्राएल ने भी अब तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है.
पाकिस्तान की दुविधा: अब्राहम अकॉर्ड्स से जुड़े या दूर रहे?
ईरानी सेना के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने इस फैसले की वजह बताते हुए कहा कि बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हुए इस्राएली हमलों के बाद, ईरान ने लेबनान के पीड़ित लोगों के समर्थन में इस्राएल को एक दर्दनाक और करारा जवाब दिया है. उनका यह मिसाइल हमला लेबनान की संप्रभुता की रक्षा और इस्राएली आक्रामकता को रोकने की रणनीति का हिस्सा था, जो अब पूरा हो चुका है.
ईरान में जारी युद्ध के साये में कितनी असरदार है भारत की बहु-पक्षीय रणनीति
मुख्यालय ने अपने आधिकारिक बयान में साफ किया, "इसी के तहत, सशस्त्र बलों के अभियानों को फिलहाल रोकने की घोषणा की जाती है." इसके साथ ही ईरान ने आगाह किया है कि इस युद्धविराम को इस्राएल उसकी कमजोरी समझने की भूल न करे. बयान में कहा गया है कि अगर दक्षिणी लेबनान सहित क्षेत्र में इस्राएल की आक्रामकता और नापाक हरकतें जारी रहती हैं, तो आने वाले समय में ईरान की ओर से इससे भी कहीं अधिक गंभीर, क्रूर और विनाशकारी कदम उठाए जाएंगे.
आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंध खराब चरित्र का प्रमाण नहीं: सुप्रीम कोर्ट
भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अविवाहित व्यस्कों के बीच आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंध को किसी व्यक्ति के चरित्र पर सवाल उठाने का आधार नहीं बनाया जा सकता. जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने यह टिप्पणी तेलंगाना पुलिस कांस्टेबल भर्ती से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान की.
आखिर आत्महत्या क्यों कर रहे हैं भारत में विवाहित पुरुष
मामला गजुल थिरुपति नाम के उम्मीदवार से जुड़ा था, जिसकी नियुक्ति एक आपराधिक मामले के कारण रद्द कर दी गई थी. शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि थिरुपति ने शादी का वादा कर कई वर्षों तक संबंध बनाए, लेकिन बाद में किसी अन्य महिला से विवाह कर लिया. हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और 2015 में लोक अदालत में मामले का निपटारा हो गया.
क्यों धोखा देते हैं पुरुष
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर रिश्ता शादी में तब्दील नहीं होता और केवल रिश्ता टूट जाने से धोखाधड़ी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता. अदालत ने माना कि उम्मीदवार ने अपने आवेदन में मामले की जानकारी छिपाई नहीं थी, इसलिए उसे नैतिक अधमता के आधार पर नौकरी से वंचित करना मनमाना फैसला था. कोर्ट ने तेलंगाना हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के उस आदेश को बहाल रखा जिसमें उसकी नियुक्ति पर दोबारा विचार करने का निर्देश दिया गया था.
इस्राएल और ईरान तुरंत बंद करें हमला: डॉनल्ड ट्रंप
मध्य पूर्व में भड़के ताजा सैन्य संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस्राएल और ईरान से तत्काल मिसाइल हमले रोकने की मांग की है. दोनों देशों के बीच फिर से शुरू हुई भारी गोलाबारी पर सख्त नाराजगी जताते हुए डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, "इस्राएल और ईरान को तुरंत एक-दूसरे पर शूटिंग बंद करनी चाहिए."
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान और इस्राएल दोनों ही वास्तव में युद्धविराम चाहते हैं और इस संबंध में शांति वार्ताएं भी चल रही हैं, बशर्ते अज्ञानता या बेवकूफी इस बातचीत के रास्ते में रोड़ा न बने. यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति के उस फोन इंटरव्यू के बाद आया है, जो उन्होंने फाइनेंशियल टाइम्स को दिया था.
उस इंटरव्यू में डॉनल्ड ट्रंप ने कूटनीतिक कमान पूरी तरह अपने हाथ में होने का दावा करते हुए कहा था कि मध्य पूर्व के इस बड़े संघर्ष में सारे फैसले वे खुद लेते हैं, न कि इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू. हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस्राएल ने वॉशिंगटन की उन अपीलों और फोन कॉल्स को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है, जिसमें अमेरिकी प्रशासन ने उन्हें ईरान के खिलाफ जवाबी हमले न करने की सलाह दी थी.
एसआईआर पर इंडिया गठबंधन का बड़ा फैसला, सीजेआई को लिखेगा पत्र
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को कहा कि इंडिया गठबंधन ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का फैसला किया है. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में "वोट लूट" और अनियमितताएं हो रही हैं. नई दिल्ली में गठबंधन की बैठक के बाद खरगे ने कहा कि जल्द ही यह पत्र सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को सौंपा जाएगा.
पढ़ें रिपोर्ट: NEET जैसी परीक्षा कराना कैसे बन गई सरकार के लिए चुनौती?
खरगे ने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन ने नीट और सीबीएसई परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है. वहीं गठबंधन ने तय किया कि राष्ट्रीय मुद्दों पर रणनीति बनाने के लिए अब हर दो महीने पर बैठक होगी, जिसकी अगली बैठक 8 अगस्त को आयोजित की जाएगी.
संसद के मानसून सत्र को लेकर भी विपक्ष ने संयुक्त रणनीति बनाने का फैसला किया है. खरगे ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और आर्थिक स्थिति पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए. उन्होंने बताया कि संसद सत्र के दौरान विपक्षी दल रोजाना नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में समन्वय बैठक करेंगे.
सीबीएसई मूल्यांकन मामला : दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और सीबीएसई को जारी किया नोटिस
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की कक्षा 12वीं की परीक्षा में डिजिटल इवैल्यूएशन सिस्टम (ओएसएम) में हुई गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और सीबीएसई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 12 जून को तय की है.
सीबीएसएई अब दो बार देगी बोर्ड परीक्षा का मौका, छात्रों के लिए फायदा या नुकसान
कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने यह कदम उठाया. याचिका में आरोप लगाया गया है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम में आई तकनीकी खामियों और गड़बड़ियों के कारण हजारों छात्रों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई छात्रों की आंसर स्क्रिप्ट गायब बताई जा रही हैं, कुछ धुंधली हैं, तो कुछ की गलत तरीके से जांच की गई है.
एनएसयूआई ने याचिका में मांग की है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में हुई सभी गड़बड़ियों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा उपाय, प्रोटोकॉल और दिशा-निर्देश तैयार किए जाएं. याचिका में सीबीएसई को उन सभी छात्रों को कंपेन्सेटरी मार्क्स देने का भी निर्देश देने की अपील की गई है जिनकी उत्तर पुस्तिकाएं प्रभावित हुई हैं.
जापान: शहर में भालू के डर से बंद किए गए करीब 100 स्कूल
जापान की राजधानी टोक्यो के उत्तर में स्थित उत्सुनोमिया शहर में पिछले तीन दिनों से एक जंगली भालू खुलेआम सड़कों पर घूम रहा है. इस वन्यजीव के आतंक के चलते स्थानीय प्रशासन को सोमवार को शहर के सभी 94 सरकारी प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूलों को एहतियातन बंद करने का बड़ा फैसला लेना पड़ा. शनिवार सुबह से लेकर अब तक रिहायशी इलाकों से लेकर बाजार और पार्कों में भालू की मौजूदगी की 10 से अधिक रिपोर्ट मिलने के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया है.
बर्फ घटने से ध्रुवीय भालुओं के सामने भोजन का संकट
लगभग 5.10 लाख की आबादी वाले इस शहर में शनिवार सुबह जब पहली बार करीब तीन फीट लंबे इस भालू को शहर के केंद्र के पास देखा गया, तो उसके बाद से रविवार को शॉपिंग मॉल और सोमवार सुबह एक थोक बाजार के पास इसकी सक्रियता दर्ज की गई. स्थानीय प्रशासन ने लोगों को जागरूक करके उन्हें घरों या सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह जारी की है.
इस भालू को काबू में करने के लिए दर्जनों प्रशिक्षित शिकारियों, पुलिसकर्मियों और स्थानीय अधिकारियों की एक बड़ी संयुक्त टीम लगातार तलाशी अभियान चला रही है. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि शहर में सिर्फ एक ही भालू घूम रहा है या उनकी संख्या अधिक है. हाल के वर्षों में जापान के शहरी इलाकों में भालू दिखने और इंसानों पर उनके हमलों की घटनाओं में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है, क्योंकि सर्दियों की लंबी नींद से जागने के बाद भूखे भालू भोजन की तलाश में इंसानी बस्तियों का रुख कर रहे हैं.
जापान में हर साल कत्ल कर दिए जाते हैं हजारों भालू
न्यूज चैनल पर इंटरव्यू बीच में ही छोड़कर उठे डॉनल्ड ट्रंप, एंकर को लगाई फटकार
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने समाचार चैनल एनबीसी के मशहूर शो 'मीट द प्रेस' के दौरान एक तीखी बहस के बाद इंटरव्यू को बीच में ही छोड़ दिया. रविवार को प्रसारित हुए इस इंटरव्यू में जब शो की एंकर क्रिस्टन वेल्कर ने चुनाव में गड़बड़ी के दावों और 6 जनवरी के कैपिटल हिल दंगों के आरोपियों को मुआवजा देने से जुड़े सवाल किए, तो ट्रंप बुरी तरह भड़क गए. उन्होंने एंकर और मीडिया को "कपटी और बेवकूफ" कहते हुए बीच में ही अपना माइक निकाला और वहां से चले गए.
इंटरव्यू के दौरान विवाद उस समय गहराया जब एंकर ने ट्रंप से उनके विवादित 'एंटी-वेपनाइजेशन फंड' के बारे में पूछा, जिसका उद्देश्य उन लोगों को मुआवजा देना है जो खुद को राजनीतिक रूप से प्रताड़ित मानते हैं. एंकर वेल्कर ने सवाल किया कि क्या 6 जनवरी के हमले में पुलिसकर्मियों पर हमला करने के दोषी लोग भी इस फंड के हकदार होंगे? इस पर ट्रंप ने बिना किसी सबूत के दावा किया कि दंगाइयों को वास्तव में एफबीआई एजेंटों ने अंदर बुलाया था. जब एंकर ने इस दावे पर ठोस सबूत मांगे, तो ट्रंप असहज हो गए और उन्होंने मीडिया पर ही गुस्सा निकालना शुरू कर दिया.
ईरान से परमाणु हथियार ना बनाने की गारंटी मिली: ट्रंप
बातचीत के आखिरी हिस्से में ट्रंप ने बिना किसी सबूत के कैलिफोर्निया में हुए गवर्नर पद के प्राइमरी चुनाव को भी "फिक्स्ड और धोखाधड़ी से भरा" बता दिया. उन्होंने तर्क दिया कि मतदान को चार दिन बीत चुके हैं और अब तक वोटों की गिनती पूरी नहीं हुई है, जो कि हेरफेर का संकेत है. इस पर एंकर ने तुरंत फैक्ट-चेक करते हुए साफ किया कि कैलिफोर्निया की कानूनी चुनाव प्रक्रिया के तहत डाक मतपत्रों को गिनने में समय लगना बेहद सामान्य बात है.
एंकर के इस फैक्ट-चेक से नाराज होकर ट्रंप ने तीखे शब्दों में कहा, "या तो आप कपटी हैं या फिर बेवकूफ हैं." इसके तुरंत बाद उन्होंने कहा, "चलो अब इसे यहीं खत्म करते हैं क्योंकि बस बहुत हुआ." इतना कहते ही उन्होंने अपना माइक निकाला, उसे फर्श पर फेंका और इंटरव्यू बीच में ही छोड़कर वहां से चले गए.
एयरलाइन प्रमुखों का दावा, 2050 तक हवाई सफर को 'नेट जीरो' बनाना नामुमकिन
वैश्विक विमानन उद्योग को साल 2050 तक पूरी तरह कार्बन मुक्त यानी 'नेट जीरो' बनाने का लक्ष्य अब अधूरा रहने की आशंका है. दुनिया भर की एयरलाइनों के प्रमुखों ने रियो डी जनेरियो में आयोजित एक सम्मेलन में यह स्वीकार किया है कि मौजूदा गति को देखते हुए इस समय सीमा के भीतर पर्यावरण संकल्प को हासिल करना व्यावहारिक नहीं है. गौरतलब है कि वैश्विक एयरलाइंस संस्था 'इयाटा' (आईएटीए) और ब्रिटेन समेत कई सरकारों ने महज पांच साल पहले इस ऐतिहासिक सामूहिक लक्ष्य की घोषणा की थी, जिससे अब वे पीछे हटते दिख रहे हैं.
भारत: अक्षय ऊर्जा लक्ष्य हासिल करने के लिए चाहिए 24,440 अरब रुपये
इयाटा के महानिदेशक विली वॉल्श ने कहा कि इस लक्ष्य को पाने की उम्मीदें अब तेजी से धुंधली हो रही हैं और अब विमानन उद्योग के लिए एक नई व अधिक वास्तविक समयसीमा तय की जानी चाहिए. वॉल्श ने इस संभावित विफलता का ठीकरा ईंधन आपूर्तिकर्ताओं, विमान निर्माताओं और वैश्विक सरकारों के सिर फोड़ा है. उन्होंने साफ कहा कि विमानन क्षेत्र के डीकार्बोनाइजेशन (कार्बन उत्सर्जन कम करने) का आधा से अधिक हिस्सा सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ) के विकास पर निर्भर था, जो पूरी तरह पिछड़ चुका है.
मिसाइल खतरों और एयर स्पेस बंद होने से एयरलाइनों पर बढ़ रहा दबाव
उन्होंने बताया कि साल 2050 तक विमानन क्षेत्र को 50 करोड़ टन एसएएफ की जरूरत होगी ताकि 65 प्रतिशत प्रदूषण कम किया जा सके, लेकिन इस साल इसका वैश्विक उत्पादन महज 24 लाख टन तक ही पहुंचने की उम्मीद है. यह आंकड़ा दुनिया भर की एयरलाइनों की कुल ईंधन आवश्यकता का सिर्फ 0.8 प्रतिशत ही है.
तेहरान में भारतीय दूतावास की एडवाइजरी, ईरान छोड़ें भारतीय नागरिक
ईरान और इस्राएल के बीच तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को ट्रैवल एडवाइजरी जारी किया है. दूतावास ने भारत के नागरिकों से अपील की है कि वे फिलहाल ईरान की यात्रा से पूरी तरह बचें और जो भारतीय पहले से ईरान में मौजूद हैं, वे उपलब्ध यातायात साधनों से जल्द से जल्द देश छोड़ दें. भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और वहां रह रहे भारतीयों से दूतावास के संपर्क में बने रहने को कहा गया है.
पश्चिम एशिया में तनाव उस समय और बढ़ गया जब इस्राएल और ईरान ने सोमवार को एक-दूसरे पर ताजा हमले किए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई रणनीतिक ठिकानों पर एयरस्ट्राइक और मिसाइल हमले हुए हैं. वहीं, ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों ने लाल सागर में इस्राएली जहाजों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है, जिससे क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है.
सिपरी रिपोर्ट: परमाणु हथियारों की नई होड़ तेज, भारत और पाकिस्तान ने बढ़ाई ताकत
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की नई रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में परमाणु हथियारों का खतरा फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि परमाणु शक्ति संपन्न देश अब अपने हथियारों को केवल भंडारण में रखने के बजाय उन्हें मिसाइलों और अन्य डिलीवरी सिस्टम पर तैनात कर रहे हैं. सिपरी के मुताबिक दुनिया में कुल करीब 12,187 परमाणु वॉरहेड हैं, जिनमें से लगभग 9,745 सैन्य इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हैं. संस्था ने चेतावनी दी है कि शीत युद्ध के बाद घटता परमाणु जखीरा अब आने वाले वर्षों में फिर बढ़ सकता है.
सिपरी: यूक्रेन युद्ध ने करवाई जर्मन हथियारों की रिकॉर्ड बिक्री
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और रूस अब भी दुनिया के सबसे बड़े परमाणु शक्ति वाले देश हैं और दोनों के पास 5,000 से ज्यादा वॉरहेड मौजूद हैं. वहीं चीन सबसे तेजी से अपना परमाणु भंडार बढ़ा रहा है और 2030 तक उसके पास 1,000 तक परमाणु हथियार हो सकते हैं. सिपरी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा, हथियार नियंत्रण समझौतों का कमजोर होना और यूक्रेन युद्ध जैसे संकट परमाणु जोखिम को बढ़ा रहे हैं.
सिपरी: हथियारों की नई होड़ के बीच परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ा
दक्षिण एशिया में भी परमाणु हथियारों की होड़ जारी है. सिपरी के अनुसार भारत ने अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को बढ़ाकर करीब 190 वॉरहेड कर लिया है, जबकि पाकिस्तान के पास लगभग 170 वॉरहेड हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान लगातार विखंडनीय सामग्री जमा कर रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में उसका परमाणु भंडार और बढ़ सकता है. संस्था ने चेतावनी दी है कि भारत-पाकिस्तान सहित कई देशों में परमाणु आधुनिकीकरण की तेज रफ्तार वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है.
मध्य पूर्व को और तनाव की जरूरत नहीं: काया कलास
यूरोपीय संघ (ईयू) की विदेश नीति प्रमुख काया कलास ने इस्राएल और ईरान के बीच हाल ही में हुए मिसाइल हमलों की तीखी आलोचना की है. उन्होंने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से तुरंत बातचीत की मेज पर आने की अपील की है. सोमवार सुबह साइप्रस में यूरोपीय संघ के रक्षा मंत्रियों की बैठक से पहले पत्रकारों से बात करते हुए कलास ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि इस क्षेत्र को अब और अधिक तनाव या युद्ध की जरूरत है."
ईयू में शरण से वंचित लोगों को बाहर के देशों के "रिटर्न हब" भेजा जाएगा
एस्टोनिया की पूर्व प्रधानमंत्री रहीं काया कलास ने जोर देकर कहा कि इस पूरे सैन्य टकराव का केवल एक ही रास्ता है और वह है राजनयिक समाधान. उन्होंने संघर्ष में शामिल सभी देशों और पक्षों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने मतभेदों को भुलाकर बातचीत की मेज पर बैठें और किसी शांति समझौते पर पहुंचें. उन्होंने कहा कि यूरोपीय देश व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' में सुरक्षा दस्ता भेजने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन इसके लिए पहली और सबसे जरूरी शर्त क्षेत्र में तत्काल युद्धविराम होना है.
यूरोप की शीर्ष अदालत ने खारिज किया हंगरी का LGBTQ+ विरोधी कानून
यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक ने यह भी जानकारी दी कि ब्रसेल्स इस समय इस्राएल और ईरान, दोनों ही पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है और उन तक शांति का यह संदेश पहुंचा रहा है. उन्होंने साफ किया कि एक बार जब जमीन पर पूरी तरह युद्धविराम लागू हो जाएगा, उसके बाद ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे बेहद जटिल और कठिन मुद्दों पर आगे गंभीर चर्चा की जा सकती है.
यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए साथ आए ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस
यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के पांचवें वर्ष में जारी रहने के बीच, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने लंदन के डाउनिंग स्ट्रीट में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ एक अहम बैठक की मेजबानी की. इस बैठक में जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों भी शामिल हुए. ये तीनों शक्तिशाली देश मिलकर 'ई3' सुरक्षा गठबंधन बनाते हैं, जो युद्ध की शुरुआत से ही यूक्रेन को अंतरराष्ट्रीय और सैन्य सहायता देने वाले सबसे प्रमुख देशों में से एक रहा है.
इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में, तीनों यूरोपीय नेताओं ने यूक्रेन में युद्धविराम लागू करने के उद्देश्य से राष्ट्रपति जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक सीधी बातचीत के प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन किया. इस प्रस्तावित शांति वार्ता में अमेरिका और यूरोपीय देशों की भागीदारी भी शामिल करने की वकालत की गई है. नेताओं ने राजनयिक माध्यमों से युद्ध को समाप्त करने के जेलेंस्की के प्रयासों की सराहना की, जो उन्होंने पिछले सप्ताह पुतिन को लिखे एक खुले पत्र में आमने-सामने बैठक के प्रस्ताव के रूप में भेजे थे.
यूएन सुरक्षा परिषद की सीट नहीं मिलने से जर्मनी को झटका लगा
हालांकि, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के इस बातचीत के आमंत्रण को सिरे से खारिज कर दिया है. क्रेमलिन का दावा है कि यूक्रेन का यह प्रस्ताव उन्हें गंभीर या ईमानदार नहीं लगता. पुतिन ने दो टूक कहा कि जब तक किसी संभावित शांति समझौते के बुनियादी मसौदे पर पहले से सहमति नहीं बन जाती, तब तक जेलेंस्की से आमने-सामने मुलाकात करने का कोई फायदा नहीं है.
पश्चिम बंगाल सीएम का दावा, 4800 अवैध घुसपैठियों को बांग्लादेश भेजा
पश्चिम बंगाल सरकार ने दावा किया है कि सीमा जिलों में बने होल्डिंग सेंटरों से करीब 4,800 कथित अवैध प्रवासियों को बांग्लादेश वापस भेजा गया है, जबकि 836 लोग अभी भी डिपोर्टेशन की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को पार्टी के विशेष प्रशिक्षण शिविर की तैयारी बैठक में यह जानकारी दी.
पढ़ें रिपोर्ट: असम की तर्ज पर अब पश्चिम बंगाल में बनेगा 'होल्डिंग सेंटर'
अधिकारी ने कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे ‘चिकन नेक’ भी कहा जाता है, की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने अवैध घुसपैठ के खिलाफ प्रभावी कदम नहीं उठाए, जिसके कारण कई लोग लंबे समय तक सरकारी होल्डिंग सेंटरों में बने रहे.
उन्होंने कहा कि जो लोग नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के दायरे में नहीं आते, उन्हें केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत सीधे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंपा जा रहा है. अधिकारी ने दोहराया कि राज्य सरकार सीमा सुरक्षा और अवैध आव्रजन के मुद्दे पर सख्त रुख अपना रही है.













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