4 जून की बड़ी खबरें और अपडेट्स
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

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तीन दिन की देरी से केरल पहुंचा मानसून, अल-नीनो बनेगा चुनौती

अमेरिकी संसद में ईरान युद्ध रोकने का प्रस्ताव पारित

उत्तर कोरिया ने परमाणु ईंधन बनाने वाली खुफिया फैक्ट्री का किया खुलासा

आग हादसे के बाद अवैध गेस्ट हाउसों के खिलाफ अभियान चलाएगी दिल्ली सरकार

तीन दिन की देरी से केरल पहुंचा मानसून, अल-नीनो बनेगा चुनौती

दक्षिण भारतीय राज्य केरल के तटों पर गुरुवार, 4 जून को मानसूनी बारिश ने दस्तक दी. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने मौसम विभाग के हवाले से यह जानकारी दी है. इस बार मानसून ने सामान्य से तीन दिन की देरी से केरल में दस्तक दी है. आमतौर पर 1 जून के आसपास केरल में मानसून की बारिश शुरू हो जाती है. मानसून के आने से गर्मी से राहत मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है.

भारत में जून से सितंबर तक मानसूनी बारिश होती है. यह देश के आर्थिक विकास के लिए बेहद अहम होती है क्योंकि इसकी वजह से किसान चावल, मक्का, कपास, सोयाबीन और गन्ने जैसी फसलें उगा पाते हैं. खेतों में सिंचाई, जलाशयों को भरने और भूजल रिचार्ज करने के लिए जितने पानी की जरूरत होती है, उसकी 70 फीसदी पूर्ति मानसूनी बारिश कर देती है.

पिछले महीने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अनुमान जताया था कि इस साल अल-नीनो प्रभाव की वजह से मानसून कमजोर हो सकता है और औसत से कम बारिश हो सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल बारिश 11 साल के निचले स्तर पर पहुंच सकती है. इसने फसलों, खाद्य पदार्थों की कीमतों और विकास दर को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

उत्तर कोरिया ने परमाणु ईंधन बनाने वाली खुफिया फैक्ट्री का किया खुलासा

उत्तर कोरिया ने गुरुवार को परमाणु बमों के लिए हथियारों के ग्रेड वाले यूरेनियम का उत्पादन करने वाली अपनी एक नई और बेहद आधुनिक गुप्त फैक्ट्री का दुनिया के सामने खुलासा किया है. इस प्लांट के दौरे पर पहुंचे देश के शीर्ष नेता किम जोंग उन ने दुश्मनों के खिलाफ रक्षात्मक तैयारियों को मजबूत करने के लिए देश के परमाणु हथियारों के जखीरे को एक्सपोनेंशियल रेट से बढ़ाने का कड़ा संकल्प लिया. उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया केसीएनए ने इस नए प्लांट के भीतर की तस्वीरें भी जारी की हैं.

सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, यह नई परमाणु सुविधा पुरानी फैक्ट्रियों के मुकाबले कहीं अधिक उन्नत और परिष्कृत तकनीक से लैस है, हालांकि सुरक्षा कारणों से यह प्लांट कहां स्थित है और कब से काम कर रहा है, इसका कोई ब्योरा साझा नहीं किया गया है. प्लांट में मौजूद शीर्ष सैन्य अधिकारियों और वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए किम जोंग उन ने दावा किया कि उत्तर कोरिया ने पिछले पांच वर्षों के भीतर हथियारों के ग्रेड वाले यूरेनियम के उत्पादन की अपनी क्षमता को दोगुने से भी अधिक बढ़ा लिया है.

किम जोंग उन ने देश की परमाणु ताकत को बढ़ाने के इस कदम को समय की मांग बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके करीबियों जैसे सबसे क्रूर दुश्मनों के साथ बढ़ते सीधे टकराव को देखते हुए युद्ध को रोकने और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए परमाणु ताकतों को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है.

अमेरिकी संसद में ईरान युद्ध रोकने का प्रस्ताव पारित

अमेरिकी संसद के निचले सदन ने बुधवार को राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने के अधिकार पर रोक लगाने वाला एक प्रस्ताव पारित कर दिया है. युद्ध शक्तियों से जुड़े इस विशेष प्रस्ताव को पारित कराने के लिए विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ-साथ चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी पक्ष में मतदान किया. यह प्रस्ताव इससे पहले तीन बार सदन में गिर चुका था, लेकिन इस बार इसे बहुमत मिल गया.

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सदन का यह फैसला फिलहाल काफी हद तक प्रतीकात्मक है. ऐसा इसलिए क्योंकि प्रतिनिधि सभा से पास होने के बाद अब इसे उच्च सदन यानी सीनेट की मंजूरी मिलना बाकी है, जहां राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के पास मामूली बहुमत है. इसके अलावा, अगर सीनेट इस प्रस्ताव को पास कर भी देती है, तो पूरी उम्मीद है कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप इस पर अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल करके इसे खारिज कर देंगे.

प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के डेमोक्रेट्स सदस्यों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यह अमेरिकी जनता की ओर से डॉनल्ड ट्रंप को एक स्पष्ट और सीधा संदेश है: ईरान में अपनी बेहद अलोकप्रिय और अवैध मर्जी के युद्ध को समाप्त करने का समय अब आ गया है."

आग हादसे के बाद अवैध गेस्ट हाउसों के खिलाफ अभियान चलाएगी दिल्ली सरकार

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि पूरे शहर में अवैध संपत्तियों, अनधिकृत गेस्ट हाउसों और अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने एक सोशल पोस्ट में लिखा कि ऐसे परिसरों को सील कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बुधवार को मालवीय नगर में हुए आग हादसे के बाद उन्होंने यह घोषणा की.

मालवीय नगर में एक इमारत में आग लगने की वजह से 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल थे. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ये लोग बांग्लादेश, नाइजीरिया, लाइबेरिया और मोजाम्बिक आदि देशों के थे और इलाज करवाने के लिए भारत आए थे. जिस इमारत में आग लगी, उसे होटल-कम-गेस्ट हाउस के तौर पर चलाया जा रहा था. उसके ग्राउंड फ्लोर पर रेस्तरां था और ऊपरी मंजिलों पर लोग रहते थे.

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा है कि मालवीय नगर हादसे में हुई लापरवाही की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. उन्होंने बताया कि इस संपत्ति के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं. उन्होंने लिखा कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा. दिल्ली पुलिस ने बताया है कि इमारत के मालिक को गिरफ्तार किया जा चुका है.

इस्राएल और लेबनान के बीच सशर्त युद्धविराम पर बनी सहमति

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच इस्राएल और लेबनान बुधवार को युद्धविराम को दोबारा बहाल करने पर सहमत हो गए हैं. अमेरिका की मध्यस्थता में हुए इस समझौते के तहत दक्षिणी लेबनान में विशेष 'पायलट सुरक्षा क्षेत्र' बनाए जाएंगे, जहां से ईरान समर्थित उग्रवादी संगठन हिज्बुल्लाह को पूरी तरह पीछे हटना होगा.

दोनों देशों द्वारा जारी संयुक्त बयान में साफ किया गया है कि यह संघर्ष विराम तभी तक लागू रहेगा जब तक हिज्बुल्लाह लिटानी नदी के दक्षिणी छोर से अपने लड़ाकों को हटाने और हमलों को पूरी तरह रोकने की शर्त का पालन करेगा.

इस समझौते का मुख्य उद्देश्य मार्च महीने से दोनों पक्षों के बीच दोबारा भड़की हिंसक जंग को रोकना है, जिसने लेबनान में अब तक 3,300 से अधिक लोगों की जान ले ली है और 10,000 से ज्यादा लोगों को घायल किया है. हालांकि, अप्रैल की शुरुआत में भी एक युद्धविराम की कोशिश की गई थी, लेकिन वह हिज्बुल्लाह और इस्राएल के बीच जारी गोलाबारी को रोकने में नाकाम रही थी.

इस पूरे शांति समझौते की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें लेबनान सरकार ने सीधे तौर पर हिज्बुल्लाह को बातचीत से बाहर रखा है. इस्राएल और लेबनान ने एक-दूसरे के प्रति किसी भी शत्रुतापूर्ण इरादे से इनकार करते हुए पड़ोसी देशों के आंतरिक मामलों में दखल देने वाले बाहरी तत्वों को कड़ा संदेश दिया है.