एक मानवाधिकार संस्था ने बलूचिस्तान सरकार के उस हालिया निर्देश की कड़ी निंदा की है, जिसके तहत परिवारों को 'आपराधिक मुकदमा चलाने, संपत्ति जब्त करने और राज्य के लाभ वापस लेने' की धमकी के तहत 'आतंकवाद' के आरोपी रिश्तेदारों से संबंध तोड़ने के लिए शपथ पत्र देने के लिए मजबूर किया गया है. बलूचिस्तान मानवाधिकार परिषद (एचआरसीबी) ने इसे लेकर एक बयान जारी किया.
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