सुरक्षा के लिहाज से सेकेंडरी यूजर की पहचान वेरिफाई करना जरूरी होता है. इसके लिए आधार जैसी जानकारी ली जाती है, ताकि किसी भी गलत ट्रांजैक्शन को ट्रैक किया जा सके. यह फीचर डिजिटल पेमेंट को और ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक बनाता है, खासकर उन यूजर्स के लिए जो अपने परिवार के सदस्यों को नियंत्रित तरीके से खर्च की सुविधा देना चाहते हैं.
...