भारत में शतरंज लगातार प्रगति कर रहा है. 1987 से 2012 तक केवल 29 ग्रैंडमास्टर बने थे, लेकिन 2013 से अब तक के 12 वर्षों में 59 ग्रैंडमास्टर बन चुके हैं. हालांकि इनमें अधिकतर पुरुष खिलाड़ी हैं, लेकिन महिला टीम का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है. उन्होंने शतरंज ओलंपियाड में कई बार स्वर्ण पदक जीते हैं और वर्ल्ड कप में ऑल-इंडियन फाइनल इस बात का संकेत है कि महिला शतरंज भी बुलंदियों पर है.
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