BCCI, जो कि क्रिकेट का निजी नियामक संगठन है, अब इस विधेयक के अधीन आ जाएगा. इसके तहत BCCI और उसकी राज्य संघ समितियों के सभी वर्तमान और भविष्य के कानूनी मामले राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण के माध्यम से सुलझाए जाएंगे, और वे सीधे अदालतों का रुख नहीं कर सकेंगे.
...