अदालत ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि और सार्वजनिक व्यक्ति होने के नाते यूसुफ पठान की जिम्मेदारी और भी अधिक है कि वे कानून का पालन करें. सुप्रीम कोर्ट के सिद्धांतों का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी सेलिब्रिटी को कानून तोड़ने के बावजूद छूट दी जाती है, तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा और न्याय व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर होगा.
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