दुनिया भर में हर साल अरबों टन खाना बर्बाद होता है, वहीं करोड़ों लोग भूख और कुपोषण से पीड़ित हैं. यह स्थिति न केवल सामाजिक अन्याय का प्रतीक है, बल्कि संसाधनों की बर्बादी, पर्यावरणीय संकट और असमान विकास को भी दर्शाता है. प्रश्न उठता है, इन विरोधाभाषी पहलू को लेकर हम कितने सजग और गंभीर हैं.
...