जैन समुदाय के लिए पर्युषण पर्व का विशेष महत्व है, यह भगवान महावीर के मूल सिद्धांत आत्मा की शुद्धि, अहिंसा, और संयम का संदेश देता है. यहां पर्युषण का आशय आत्मचिंतन से है, यानी यह पर्व हमें बुरी सोच एवं गलत आदतों से दूर रहने के लिए प्रेरित करता है. इस दिन भारी संख्या में जैन समुदाय अपने मन में व्याप्त सभी बुरे विचारों को दूर करने का संकल्प लेते हैं.
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