संगीत की कोई जुबान नहीं होती, कोई भाषा, कोई मजहब नहीं होता. खुशी हो या गम संगीत हर दिन, हर पल दिल को शांति और सुकून देता है. संगीत की इसी विशेषता को देखते हुए, और इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 21 जून 1982 को पहली बार फ्रांस में विश्व संगीत दिवस की शुरुआत हुर्ई.
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