स्वामी विवेकानंद के जीवन का टर्निंग पॉइंट 1881 में आया, जब उनकी मुलाकात कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में रामकृष्ण परमहंस से हुई. गुरु के मार्गदर्शन में ही उन्होंने वेदांत और आध्यात्मिकता के सार को समझा और उसे आधुनिक विश्व के सामने प्रस्तुत किया. उनकी जयंती पर आप इन विचारों को साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं.
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