⚡शब-ए-बरात और उर्दू अदब: जब अल्फाजों में उतरती है मगफिरत की दुआ; बेहतरीन शायरी
By Abdul Kadir
शब-ए-बरात को 'मगफिरत' (क्षमा) की रात माना जाता है. इस विशेष अवसर पर लोग इबादत के साथ-साथ उर्दू शायरी और दुआओं के जरिए अपने करीबियों तक अमन और सुकून का पैगाम पहुँचाते हैं. यह लेख इस रात के धार्मिक महत्व और शायरी के सांस्कृतिक पहलू को दर्शाता है.