भाद्रपद कृष्ण पक्ष की पंचमी को रक्षा पंचमी के नाम से जाना जाता है. रक्षा पंचमी का यह पर्व रक्षाबंधन के पांचवे दिन और कृष्ण जन्माष्टमी से तीन दिन पूर्व मनाया जाता है. इस तिथि के बारे में मान्यता है कि जो बहनें किसी कारणवश श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन अपने भाई को राखी नहीं बांध पाई होती हैं, वह रक्षा पंचमी पर भाई की कलाई में राखी बांधकर उसकी रक्षा की कामना कर सकती हैं...
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