प्रदोष का दिन भगवान शिव को समर्पित माना गया है, इसलिए इस दिन भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा-अर्चना का विधान है. प्रदोष व्रत संतान, सुख-समृद्धि, पाप से मुक्ति एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए किया जाता है. इससे जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि आती है तथा देह त्यागने के बाद जातक को मोक्ष की प्राप्ति होती है.
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