ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी में व्रती जल और अन्न को ग्रहण नहीं करते हैं. निर्जल व्रत रखकर भक्त विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं और रात्रि जागरण कर भजन-कीर्तन किया जाता है. इसके बाद द्वादशी तिथि को व्रत का पारण किया जाता है. इस अवसर पर आप इन भक्तिमय हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को हैप्पी निर्जला एकादशी कह सकते हैं.
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