फाल्गुन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था. ऐसा भी कहा जाता है कि भगवान शिव ने इसी दिन डमरू बजाकर सृष्टि का आरंभ एवं बाद में डमरू बजाकर सृष्टि के अंत यानी संहार का संकेत दिया था. भगवान शिव का शाब्दिक अर्थ है कल्याण करने वाला, और शिव को ही आशुतोष भी कहते हैं, जिसका आशय है शीघ्र प्रसन्न होने वाले.
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