त्योहार

⚡Mahashivratri 2021: दुर्लभ योग में करें भगवान शिव की पूजा एवं अभिषेक! जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पौराणिक कथा

By Rajesh Srivastav

फाल्गुन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था. ऐसा भी कहा जाता है कि भगवान शिव ने इसी दिन डमरू बजाकर सृष्टि का आरंभ एवं बाद में डमरू बजाकर सृष्टि के अंत यानी संहार का संकेत दिया था. भगवान शिव का शाब्दिक अर्थ है कल्याण करने वाला, और शिव को ही आशुतोष भी कहते हैं, जिसका आशय है शीघ्र प्रसन्न होने वाले.

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