त्योहार

⚡भारत की शक्ति स्वरूपा ये 5 वीरांगनाएं आज भी महिलाओं की प्रेरणा स्त्रोत मानी जाती हैं!

By Rajesh Srivastav

प्राचीन भारत को खंगालें तो सभी क्षेत्रों में महिलाएं पुरुषों से कमतर नहीं रही हैं. पतंजलि और कात्यायन जैसे भारतीय विद्वानों के अनुसार प्रारंभिक वैदिक कला में महिलाओं को पुरुषों की तरह हर तरह की शिक्षा दी जाती थी. ऋग्वेद काल की कृतियां दर्शाती हैं कि महिलाओं की शादी मैच्योर उम्र में की जाती थी.

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