हल षष्ठी के दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र और उसकी अच्छी सेहत की कामना से निर्जल व्रत करती हैं, जबकि निसंतान महिलाएं संतान प्राप्ति की कामना से इस व्रत को पूरे श्रद्धाभाव से करती हैं और भगवान बलराम की पूजा करती हैं. इस अवसर पर आप इन हिंदी मैजेसेस, वॉट्सऐप विशेज, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को इस पर्व की प्यार भरी शुभकामनाएं दे सकती हैं.
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