गुरु ग्रंथ साहिब का सार एक ऐसे समाज को देखना है जो दैवीय न्याय की नींव पर आधारित है, जहां किसी भी तरह का उत्पीड़न नहीं है. सिखों के इस पवित्र पुस्तक की रचना गुरु नानक देव, गुरु अंगद देव, गुरु अमर दास, गुरु राम दास, गुरु अर्जन देव, गुरु तेग बहादुर और गुरु गोविंद सिंह जैसे सात महान सिख गुरुओं ने की है.
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