कुछ लोग इतिहास लिखते हैं और कुछ लोग इतिहास बन जाते हैं. गुलजारी लाल नंदा (Gulzari Lal Nanda) उन विरलों में थे जो चुपचाप इतिहास रचते चले गए. एक ऐसा नेता, जिसने संकट के समय दो बार देश की बागडोर संभाली, फिर भी सरकारी सुख-सुविधाओं की चाहत नहीं रखी. देश की आजादी की लड़ाई में उन्होंने जेल की यातनाएं सही, मजदूरों की आवाज बने और सत्ता के शिखर पर पहुंचकर भी सादगी की चादर ओढ़े रहे....
...