पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी तिथि को हरी दिन या हरी वासर भी कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने से हवन, यज्ञ. वैदिक कर्मकांड इत्यादि से भी अधिक फल मिलता है और मृत्यु के पश्चात बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है. अगर आप नए साल में एकादशी का व्रत करने की सोच रहे हैं तो चलिए हम आपको बता दें कि साल 2021 में कब-कब एकादशी व्रत पड़ेंगे?
...