छठ पूजा के व्रत को सबसे कठिन व्रत माना जाता है और इसके नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ता है. छठ का व्रत रखने वाले व्रती 36 घंटे तक निर्जल और निराहार रहकर छठी मैया और सूर्य देव की उपासना करते हैं. षष्ठी तिथि को सूर्यास्त के दौरान नदी या तालाब के पानी में खडे होकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और अगले दिन सूर्योदय के समय उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर यह व्रत पूर्ण होता है.
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