⚡दो बार अपमान बर्दाश्त करना समझदारी! मगर बार-बार अपमान सहते रहना अपराध भी है और मूर्खता भी!
By Rajesh Srivastav
आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति शास्त्र में कई बातों पर अपना अलग मत दर्शाया है. दुनिया उन्हें ‘कौटिल्य’ के नाम से भी जानती है. आचार्य की भिन्न-भिन्न विषयों पर बनाई नीतियां आम लोगों के जीवन को स्पर्श करती है, उन्हें प्रभावित और प्रेरित करती है.