हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी दिव्यांग उम्मीदवारों को न्यायिक सेवा में अवसर देने को लेकर महत्वपूर्ण फैसला दिया था. इस फैसले के बाद थान्या जैसे उम्मीदवारों के लिए न्यायिक सेवा के रास्ते खुले. थान्या की सफलता इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है. थान्या नाथन की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह उन सभी लोगों के लिए उम्मीद की किरण है जो किसी न किसी शारीरिक चुनौती के बावजूद बड़े सपने देखते हैं.
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