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⚡मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटनाक्रम को अपने नेतृत्व पर विश्वास का प्रतीक बताया है और इसे महायुति गठबंधन के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता करार दिया है

By Siddharth Raghuvanshi

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम 2022 की उस बड़ी बगावत की याद दिलाता है जब एकनाथ शिंदे 39 विधायकों के साथ अलग हो गए थे. उसी बगावत के बाद शिंदे गुट ने मूल शिवसेना का नाम और चुनाव चिन्ह "धनुष-बाण" अपने पास बनाए रखा था. मातोश्री में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से हिम्मत न हारने की अपील की है.

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