डिंडोशी की एक सत्र अदालत (A Sessions Court at Dindoshi) ने एक लड़की का पीछा करना और स्पष्ट संकेत के बावजूद उसे बार-बार 'आजा आजा' कहना यौन अपराध अधिनियम (POCSO) के तहत यौन उत्पीड़न माना है. घटना सितंबर 2015 की है, जब पीड़िता 15 साल की दसवीं कक्षा की छात्रा थी...
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