इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने दुष्कर्म के मामले (Rape Case) में कहा है कि, अगर मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज रेप पीड़िता का बयान उसके पहले दर्ज बयान से अलग है तो ऐसी स्थिति में जांच अधिकारी (Investigation Officer) उससे दोबारा पूछताछ नहीं कर सकता.
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