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⚡जांच एजेंसियों के अनुसार, लीक प्रश्नपत्र और उससे जुड़े पीडीएफ फाइल्स कथित तौर पर टेलीग्राम और व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए एजेंटों और बिचौलियों की मदद से फैलाए जाते थे

By Siddharth Raghuvanshi

एजेंसियों का कहना है कि छात्रों और अभिभावकों से पैसे लेकर सौदे किए जाते थे. शुरुआती बातचीत और डील सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए होती थी. इस मामले ने एक बार फिर भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सीबीआई अब पेपर लीक के मुख्य स्रोत और इस नेटवर्क के प्रमुख आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है.

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