राज ठाकरे ने लिखा आज चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस की एक क्लिप मुझे किसी ने भेजी। उसे देखकर गुस्से से मेरा सिर गरम हो गया! और अब मुझे 100% यकीन हो गया है कि चुनाव आयोग का “स्वायत्त” होना सिर्फ संविधान की किताबों तक सीमित रह गया है, असल में यह सत्ताधारियों के हाथ की कठपुतली बन चुका है.
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