उल्लेखनीय है कि पासवान के निधन के बाद से उनकी पार्टी के भीतर गुटबाजी शुरू हो गई है. उनके बेटे चिराग पासवान और भाई पशुपति कुमार पारस दोनों ही पासवान की राजनीतिक विरासत पर दावा जता रहे है. चिराग अपने पिता की पारंपरिक लोकसभा सीट हाजीपुर से यात्रा शुरू करने वाले हैं, ताकि अपने पक्ष में पार्टी समर्थकों को जुटा सकें.
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