पीड़िता रेखाल पेरेरा ने बताया, “हम गोराई के निवासी हैं और खेती कर जीवन यापन करते हैं. मैं और मेरे पति पिछले चार साल से इसी जगह सब्जी बेच रहे हैं. हर सप्ताह हमसे ₹250 और रविवार को ₹50 अलग से वसूले जाते हैं. इसके बाद भी उन्हें जबरदस्तीहटाने की कोशिश की जा रही हैं.
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